सीजी भास्कर, 6 सितंबर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पलारी में ग्रामीणों और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी व छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (Primary Health Center Protest Chhattisgarh) ने मिलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का घेराव किया। प्रदर्शन का कारण एक युवक की सड़क दुर्घटना और उसके बाद स्वास्थ्य केंद्र में हुई अनदेखी थी।
जानकारी के अनुसार, घायल युवक को उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन वहां स्टाफ अनुपस्थित था। जब डॉक्टर सुनील कुमार देवांगन बुलाए गए, तो उन्होंने मरीजों और ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश (Primary Health Center Protest Chhattisgarh) फैल गया।
इसके बाद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और क्रांति सेना ने मिलकर शिव मंदिर के पास सभा आयोजित की। सभा के बाद ग्रामीण और संगठनों के सदस्यों ने स्वास्थ्य केंद्र का घेराव कर दिया। मुख्य मांगें थीं – पदस्थ डॉक्टर को हटाना, पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था, और आवश्यक दबाइयों का सुनिश्चित होना।
घेराव के दौरान बीएमओ और तहसीलदार के साथ आधे घंटे तक वार्ता की गई। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के साथ प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। प्रदर्शन में क्रांति सेना प्रदेश सचिव शशिभूषण चंद्राकर, जिलाध्यक्ष चंद्रभान साहू, धमतरी युवा क्रांति सेना जिलाध्यक्ष डोमेश्वर साहू, मधुकांत साहू, महामंत्री अशोक साहू, जिला अध्यक्ष खोमन साहू, उपाध्यक्ष दानी साहू, उपाध्यक्ष अमित सर्वा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घेराव ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूकता (Primary Health Center Protest Chhattisgarh) और मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। अधिकारी आश्वासन देने के बावजूद ग्रामीण अब निगरानी बनाए रखेंगे और सप्ताह के भीतर कार्रवाई का पालन करेंगे।



