सीजी भास्कर, 01 नवंबर। छत्तीसगढ़ के गठन के रजत जयंती वर्ष पर जिंदल फाउंडेशन (Jindal Foundation) ने एक सराहनीय सामाजिक पहल की शुरुआत की है। जिला प्रशासन रायगढ़ के मार्गदर्शन में फाउंडेशन ने विद्यार्थियों की आंखों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ‘दृष्टि अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शैक्षणिक क्षेत्रों में बच्चों की आंखों की नियमित जांच और उपचार सुनिश्चित करना है।
अभियान की शुरुआत 3 नवंबर से ग्राम पतरापाली के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय से होगी। इस दौरान फोर्टिस–ओ.पी. जिंदल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक आधुनिक उपकरणों की मदद से विद्यार्थियों की आंखों की जांच करेंगे। जांच के बाद जिन बच्चों को चश्मे की आवश्यकता होगी, उन्हें निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे।
डिजिटल युग में बच्चों की आंखों की बढ़ती समस्या
आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के लंबे इस्तेमाल से बच्चों की दृष्टि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में समय पर जांच न होने से यह परेशानी गंभीर रूप ले लेती है। जिंदल फाउंडेशन (Jindal Foundation) का यह प्रयास इस अंतर को पाटने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, “दृष्टि अभियान का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा आंखों की कमजोरी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे। अगर समस्या शुरुआती स्तर पर पकड़ी जाए, तो उसका समाधान भी आसान होता है।”
गांव-गांव में लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
फाउंडेशन न केवल स्कूलों में बल्कि गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगा। इन शिविरों में फोर्टिस–ओ.पी. जिंदल अस्पताल के डॉक्टर ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच करेंगे और जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की जाएंगी। इस पहल से दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सतत प्रयास
जिंदल फाउंडेशन (Jindal Foundation) लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में सक्रिय है। फाउंडेशन की प्रमुख योजनाओं में ओ.पी. जिंदल छात्रवृत्ति, सावित्री देवी जिंदल छात्रवृत्ति और यशस्वी योजना शामिल हैं, जिनसे सैकड़ों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और कैरियर निर्माण में मदद मिली है। ‘दृष्टि अभियान’ इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी।


