सीजी भास्कर, 12 नवंबर। जिले में पत्रकारों और जनपद पंचायत सरपंच संघ के बीच विवाद गहराने के बाद शुक्रवार को हालात गर्मा गए। सैकड़ों पत्रकारों ने एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच (Bemetara Journalists Protest) की मांग उठाई। पत्रकारों ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और सच्चाई को दबाने की कोशिश हैं।
दरअसल, 7 नवंबर को नवागढ़ जनपद पंचायत सरपंच संघ ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों पर विज्ञापन के नाम पर अवैध वसूली, धमकी देने और आरटीआई के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसी के विरोध में शुक्रवार को पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
एसपी कार्यालय के बाहर नारेबाजी, जांच की मांग
प्रदर्शन से पहले पत्रकारों की दो घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने जल्द निष्पक्ष जांच नहीं की, तो आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर राजधानी (Bemetara Journalists Protest) तक ले जाया जाएगा।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष दिनेश दुबे ने कहा — “पत्रकारिता कोई व्यापार नहीं, बल्कि एक सेवा है। जो लोग सच से डरते हैं, वही पत्रकारों पर कीचड़ उछालते हैं। प्रशासन को जल्द इस मामले की सच्चाई उजागर करनी चाहिए।”
‘अगर सबूत हैं, तो सामने लाएं’
श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शुक्ला ने कहा — “अगर सरपंच संघ के पास आरोपों के सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करें। अन्यथा झूठ फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो पत्रकार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
‘सच दबाने की कोशिश की गई तो कलम बनेगी हथियार’
पत्रकारों ने प्रशासन को साफ संदेश दिया कि वे सम्मान चाहते हैं, एहसान नहीं। उन्होंने कहा कि अगर सच्चाई को दबाने की कोशिश की गई, तो कलम आंदोलन का सबसे बड़ा हथियार बनेगी। प्रदर्शन के दौरान सभी पत्रकारों ने “निष्पक्ष जांच करो – झूठे आरोप बंद करो” जैसे नारे लगाए।
प्रशासन ने लिया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने एसपी बेमेतरा को ज्ञापन सौंपा। एसपी ने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों की बात सुनकर तथ्यात्मक जांच कराई (Bemetara Journalists Protest) जाएगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा।
सरपंच संघ बना आरोपों पर अड़ा
दूसरी ओर, सरपंच संघ के कुछ पदाधिकारी अब भी अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि कुछ पत्रकार सरकारी योजनाओं की कवरेज के नाम पर दबाव बनाते हैं। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है।



