सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। अंबिकापुर एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र स्थित अमेरा खदान (Amera Mine Dispute) के विस्तारीकरण को लेकर बुधवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। खदान क्षेत्र में पहुंचे एसईसीएल प्रबंधन और पुलिस बल का ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी और पथराव की घटनाएँ सामने आईं। पथराव में ग्रामीणों के साथ कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की जानकारी मिली है। घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
लखनपुर ब्लॉक स्थित अमेरा खदान (Amera Mine Dispute) का विस्तारीकरण लंबे समय से विवाद में है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्तारीकरण से उनकी भूमि, पर्यावरण और आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इन्हीं कारणों से ग्रामीण पिछले कई महीनों से खदान संचालन में बाधा डालते हुए विरोध प्रकट कर रहे हैं। बुधवार को खुले क्षेत्र के विस्तारीकरण को लेकर एसईसीएल द्वारा भारी मशीनरी के साथ कार्य शुरू करने की तैयारी की गई थी। पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। इसी दौरान विरोध कर रहे ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और माहौल गर्माता चला गया।
बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ने पर धक्का-मुक्की और फिर पथराव शुरू हो गया। अफरा-तफरी के बीच दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद जिला मुख्यालय से अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास किए। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वर्तमान में खदान परिसर और आसपास के गांवों में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है, साथ ही व्यापक विवाद के समाधान के लिए आगामी कदमों पर विचार किया जा रहा है।


