सीजी भास्कर 8 दिसम्बर रायपुर। Flight Disruption Case : गोवा से रायपुर लौटने वाले यात्रियों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पायलट और क्रू की कमी के कारण अचानक उड़ानें रद्द होने लगीं, और इन घटनाओं ने ट्रैवल प्लान को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। हालत यह है कि कई यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर होकर कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़नी पड़ रही हैं, जिससे यात्रा का समय और खर्च—दोनों बढ़ गए हैं।
तीन उड़ानें और 20 घंटे की थकान
फैमिली ट्रिप पर गए पवन आहूजा की कहानी स्थिति की वास्तविक तस्वीर पेश करती है। वे बताते हैं कि 2 दिसंबर को गोवा पहुँचने के बाद शनिवार को रायपुर लौटने का प्लान था, लेकिन सीधी फ्लाइट न मिलने के कारण उन्हें गोवा से पहले मुंबई जाना पड़ा, फिर वहाँ से दिल्ली पहुँचे, और अंत में दिल्ली से रायपुर की उड़ान मिल सकी।
पूरी यात्रा में लगभग 20 घंटे लगे और कुल 50 हजार रुपये खर्च हुए—जो सामान्य किराये से दोगुना था।
Flight Disruption Case : बैगेज ट्रेस करने की जद्दोजहद
उदयपुर से लौटे अभिषेक का अनुभव इससे भी आगे बढ़कर परेशानी भरा है। वे लगातार तीन दिनों से एयरपोर्ट जाकर अपने और मेहमानों के बैग के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। पहले दिन कुछ और जानकारी दी गई, दूसरे दिन पूरी तरह अलग जवाब मिला और आज बताया गया कि बैगेज दिल्ली में अटका हुआ है।
उनके गेस्ट में कुछ लोग स्विट्ज़रलैंड से आए थे और उनकी वापसी की फ्लाइट सोमवार को है। बिना बैगेज उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
Flight Disruption Case : मजबूरी में महंगी यात्रा
कई यात्रियों ने बताया कि एक्ज़िक्यूटिव श्रेणी की टिकटें खत्म होने के चलते उन्हें अनचाहे रूप से बिजनेस क्लास में सफर करना पड़ा। इस स्थिति में न केवल यात्रा की परेशानी बढ़ी, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी जेब पर बोझ बन गया।
कहा जा रहा है कि इन घटनाओं से यात्रियों के आयोजनों, पारिवारिक कार्यक्रमों और प्लान्ड ट्रिप्स पर भी असर पड़ा है।
यात्रियों की नाराज़गी और चिंता
लगातार रद्द हो रही उड़ानें, बैगेज मिसमैनेजमेंट और अधिक किराये के चलते यात्री नाराज़ भी हैं और चिंतित भी। कई लोगों का कहना है कि यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रही, तो छुट्टियों और कामकाजी यात्राओं पर भारी प्रभाव पड़ेगा।





