सीजी भास्कर, 19 दिसंबर। कोरबा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना (Lonar Elephant Attack Korba) में लोनार हाथी के हमले में एक और ग्रामीण की जान चली गई। ग्राम गौर बोरा, ग्राम पंचायत अजगर बहार, वन परिक्षेत्र बालको में देर रात 45 वर्षीय महेंदा सिंह मंझवार की हाथी के हमले में मौत हो गई। यह घटना जिले में मानव–हाथी संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महेंदा सिंह मंझवार रात को अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान जंगल से भटककर आया लोनार हाथी अचानक घर में घुस आया और जमकर तोड़फोड़ मचाई। हमले के दौरान हाथी ने सो रहे महेंदा सिंह को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरी घटना लोनार हाथी हमला कोरबा (Lonar Elephant Attack Korba) के रूप में एक और दुखद उदाहरण बन गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा, शव का पंचनामा किया गया और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से रात के समय विशेष सतर्कता बरतने और जंगल की ओर न जाने की अपील की है।
गौरतलब है कि इससे पहले कटघोरा वनमंडल में बीते दो दिनों के भीतर हाथी के हमले में दो महिलाओं की जान जा चुकी है। लगातार तीसरी मौत ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की नियमित आवाजाही से खेती, मकान और जान माल पर लगातार खतरा बना हुआ है।
वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हाथियों के मूवमेंट को नियंत्रित करना और प्रभावित गांवों को सुरक्षित करना है। बढ़ते लोनार हाथी हमला कोरबा (Lonar Elephant Attack Korba) मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानव–हाथी संघर्ष से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी रणनीति कब बनेगी।


