Naib Tehsildar Assault Case: नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में बिलासपुर पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कोटा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग को उनके पद से हटा दिया है। थाना प्रभार वापस लेते हुए उन्हें लाइन अटैच कर रक्षित केंद्र भेजा गया है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आदेश जारी किया गया, जबकि कोटा थाने की जिम्मेदारी अब नरेश चौहान को सौंपी गई है।
विवादों से जुड़ा रहा अफसर का रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार, हटाए गए थाना प्रभारी का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। पूर्व पदस्थापना के दौरान उन पर एक नायब तहसीलदार और उनके परिजन के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई के आरोप लगे थे। उस समय सामने आए वीडियो-ऑडियो क्लिप्स के कारण मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया था।
संघ की आपत्ति के बाद जांच शुरू
घटना के बाद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इसके चलते वरिष्ठ स्तर पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को लाइन अटैच किया गया और विभागीय जांच के आदेश दिए गए। बाद में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत उनकी अन्य जिले में पोस्टिंग भी की गई थी।
क्लीन चिट के बाद भी फिर विवाद
जांच पूरी होने के बाद अधिकारी को राहत मिली और उन्हें दोबारा जिले में पदस्थ किया गया। करीब आठ माह पहले उन्हें कोटा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
अनुशासन पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अनुशासनहीनता या विवाद, किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होंगे। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से जुड़े पदों पर बैठे अधिकारियों से उच्च आचरण की अपेक्षा होती है, और इसमें चूक होने पर कार्रवाई तय है।


