सीजी भास्कर, 25 दिसंबर | CM Vishnudev Sai Statement : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर धर्मांतरण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया जाए।
“लोभ या दबाव से परिवर्तन अनुचित”
मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि आस्था व्यक्ति का निजी विषय है, पर किसी भी तरह का लालच या दबाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य सरकार इस विषय पर समाज की भावनाओं और कानून दोनों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी।
115 अटल परिसरों का लोकार्पण
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 115 अटल परिसरों के लोकार्पण पर सीएम साय ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी। उनकी जयंती को राज्य में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जो उनके विचारों को जीवित रखने का प्रतीक है।
धर्मांतरण पर कानून का संकेत
धर्मांतरण पर पं. धीरेन्द्र शास्त्री के बयान के संदर्भ में विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि समाज को इस विषय पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही धर्मांतरण से जुड़ा सख्त कानून सामने आ सकता है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।
“कानून हाथ में लेना गलत”
मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ की घटना पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने साफ कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने माना कि कुछ लोग अति-उत्साह में ऐसे कदम उठा लेते हैं, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं निकलता।
SIR मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
SIR से जुड़े सवालों पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व शासनकाल की नीतियों के कारण ही कई लोगों के नाम सूची से कटे। उन्होंने पलटवार करते हुए यह भी कहा कि आरोप लगाने से पहले विपक्ष को अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।






