सीजी भास्कर, 17 जनवरी। लगातार निगरानी, दवाइयों की खुराक और आख़िरी पल तक बचाने की कोशिशें (USTR Elephant News) जारी रहीं। जंगल के भीतर हर सुबह उम्मीद लेकर आई, लेकिन अंत में प्रकृति के सामने इंसानी प्रयास कमजोर पड़ गए और एक जीवन शांत हो गया।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में ओडिशा से भटककर पहुंची एक बीमार हथिनी की मौत हो गई। लगभग 10 से 12 वर्ष की इस हथिनी का पिछले सात दिनों से इलाज चल रहा था। वन अमले की तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार सुबह उसने अंतिम सांस ली।
वन अधिकारियों के अनुसार, यह हथिनी ओडिशा से भटकते हुए गरियाबंद और धमतरी के रास्ते USTR क्षेत्र में पहुंची थी। शुरुआत में वह न तो ठीक से खाना (USTR Elephant News) खा पा रही थी और न ही मल त्याग कर पा रही थी, जिससे उसकी हालत लगातार चिंता का विषय बनी हुई थी।
इलाज के दौरान कुछ दिनों तक हथिनी की हालत में सुधार भी देखा गया। उसने भोजन लेना शुरू किया और सामान्य गतिविधियों के संकेत मिले, लेकिन 15 जनवरी के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ली गई और इलाज का दायरा बढ़ाया गया, फिर भी हालात काबू में नहीं आ सके।
इस पूरे दौरान USTR के हाथी मित्र दल ने जान जोखिम में डालकर हथिनी की देखभाल की। दवाइयां खिलाने और निगरानी के दौरान टीम को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना (USTR Elephant News) करना पड़ा। देखभाल से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीम के सदस्य हथिनी के बेहद करीब रहकर उपचार करते नजर आते हैं।
हथिनी की मौत के बाद वन विभाग और अभयारण्य प्रशासन ने विधिवत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। घटना से वन अमले में शोक का माहौल है। इससे पहले सितंबर 2025 में इसी तरह बीमार एक नर हाथी को बचाने में सफलता मिली थी, लेकिन इस बार प्रयास अधूरे रह गए।





