कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के आदिवासी ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित संस्कृति गौरव सम्मेलन में धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता अभियान को नई धार मिली। कार्यक्रम के दौरान 165 लोगों ने अपने मूल संस्कारों में वापसी का निर्णय लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुए आयोजन को (Anti Conversion Drive Pandariya) के तौर पर व्यापक समर्थन मिला।
विधायक भावना बोहरा की पहल बनी चर्चा का केंद्र
पंडरिया की विधायक भावना बोहरा इस मुद्दे पर लंबे समय से सक्रिय रुख अपनाए हुए हैं। आयोजन स्थल पर उन्होंने घर वापसी करने वाले लोगों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से खास बन गया। समर्थकों का कहना है कि यह पहल (Bhavna Bohra Ghar Wapsi Initiative) के रूप में आगे भी जारी रहेगी।
अब तक 500 से ज्यादा लोगों की वापसी का दावा
आयोजन समिति के अनुसार, विधायक के प्रयासों से अब तक 500 से अधिक लोग अपने पारंपरिक विश्वासों में लौट चुके हैं। गांव-गांव में संवाद बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए संपर्क बढ़ाया जा रहा है, ताकि भ्रम और गलत सूचनाओं को दूर किया जा सके—इसे (Ghar Wapsi Program Chhattisgarh) के तहत संगठित पहल बताया जा रहा है।
विधानसभा सत्र में होंगे अहम मुद्दों पर विमर्श
इसी बीच राज्य विधानसभा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण और कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा तय है। सदन में दिवंगत विधायक दीनदयाल पोर्ते को श्रद्धांजलि दी जाएगी। बजट सत्र से जुड़े प्रश्नों और प्रस्तावों की संख्या भी काफी अधिक बताई जा रही है—जो छत्तीसगढ़ विधानसभा के व्यस्त एजेंडे को दर्शाता है।






