सीजी भास्कर 25 फ़रवरी Bilaspur Anti Narcotics Task Force : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बिलासपुर पुलिस के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है, जो जिले में सक्रिय तस्करों और सप्लाई चैन को तोड़ने पर फोकस करेगी—यह पहल “(Drug Network Crackdown)” की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
नई गठित टीम सीएसपी निमितेश सिंह की निगरानी में काम करेगी, जबकि टीम की कमान निरीक्षक अनिल अग्रवाल को सौंपी गई है। फील्ड ऑपरेशन, खुफिया इनपुट और फॉलो-अप कार्रवाई एक ही चेन में होगी—इसे “(End-to-End Enforcement)” मॉडल के तौर पर लागू किया जाएगा।
टीम को NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क मैपिंग और फाइनेंशियल ट्रेल खंगालने का अधिकार दिया गया है। बड़े तस्करों, सप्लायर्स और स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमाई के स्रोतों तक पहुंचने पर जोर रहेगा—यह रणनीति “(NDPS Enforcement)” को जमीन पर असरदार बनाने के लिए तैयार की गई है।
एसएसपी रजनेश सिंह के कार्यभार संभालने के बाद जिले में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। ट्रेनों के जरिए सप्लाई चैन, बड़े सप्लायर्स और स्थानीय लिंक पर कार्रवाई से कई मामलों में संपत्ति जब्ती तक की नौबत आई—यह ट्रैक रिकॉर्ड “(Asset Seizure Drive)” की गंभीरता दिखाता है।
जारी आदेश के अनुसार टीम में टीआई अनिल अग्रवाल, एसआई कमलेश बंजारे, हेड कांस्टेबल देवमुन सिंह पुहूप, आतिश पारिक और आरक्षक अविनाश कश्यप, अभिजीत डाहिरे, प्रेमलाल सूर्यवंशी, रविशंकर यादव, निखिल राव जाधव को शामिल किया गया है। टीम का उद्देश्य सूचना संकलन से लेकर कार्रवाई और केस फॉलो-अप तक एक ही फ्रेम में काम करना है—यह “(Special Task Team)” मॉडल का हिस्सा है।






