Iran Supreme Leader Death Protest in Raipur : रायपुर में रविवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। मोमिनपारा और पंडरी इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर नाराज़गी जाहिर की। लोगों का कहना था कि यह सिर्फ एक राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि भावनाओं पर चोट है, जिसने पूरे समुदाय को झकझोर दिया।
ट्रंप-नेतन्याहू के पोस्टरों पर उतरी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए गए। सड़क किनारे लगाए गए पोस्टरों में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें थीं, जिन पर ‘डाउन टू अमेरिका’ और ‘डाउन टू इजरायल’ जैसे शब्द लिखे गए थे। कुछ स्थानों पर लोगों ने पोस्टरों पर स्याही फेंकी, तो कहीं गुस्से में राह चलते लोग उन्हें पैरों से रौंदते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, यह विरोध (Iran Protest Raipur) की एक भावनात्मक अभिव्यक्ति थी, न कि किसी हिंसक उकसावे की कोशिश।
इमामबाड़ों में शोक सभा, मजलिस में छलका दर्द
पंडरी स्थित इमाम बारगाह सहित शहर के कई धार्मिक स्थलों पर मजलिस और शोक सभा आयोजित की गई। खोजा जमात से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कथित घटना पर दुख जताया। धार्मिक नेताओं ने कहा कि (Khamenei Death Claim) जैसी खबरों को लेकर जब तक आधिकारिक पुष्टि न हो, तब तक संयम बनाए रखना जरूरी है, लेकिन भावनाओं को दबाया भी नहीं जा सकता।
प्रशासन सतर्क, शहर में सामान्य हालात
प्रदर्शन के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर रही। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल शहर में हालात सामान्य हैं और किसी भी तरह की हिंसक घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से आई जानकारी पर भरोसा करें।






