दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध Illegal Opium Farming का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक फार्महाउस से भारी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि खेतों में लंबे समय से अफीम की खेती की जा रही थी, लेकिन इसकी जानकारी गांव के अधिकांश लोगों को नहीं थी।
बच्चों की जिज्ञासा से हुआ खुलासा
मामले का खुलासा एक दिलचस्प तरीके से हुआ। गांव के कुछ बच्चों ने खेत में उग रहे अजीब पौधों को देखा और उसकी तस्वीर मोबाइल से इंटरनेट पर खोजी। वहां से उन्हें पता चला कि यह अफीम का पौधा है। इसके बाद गांव में चर्चा फैल गई और आखिरकार प्रशासन तक जानकारी पहुंची। इस तरह यह Opium Cultivation Case सामने आया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
ग्रामीणों ने लगाया दबदबा और दहशत का आरोप
मामले के सामने आने के बाद गांव के कई लोगों ने आरोपी पर दबदबा और दहशत का माहौल बनाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई सार्वजनिक स्थानों और रास्तों पर भी कब्जा कर लिया गया था। कुछ लोगों का दावा है कि श्मशान घाट तक जाने के मामलों में भी दबाव बनाया जाता था। ग्रामीणों के अनुसार यह मामला केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ा Village Land Dispute भी लंबे समय से चर्चा में रहा है।
फार्महाउस के चारों ओर लगा था सुरक्षा घेरा
ग्रामीणों के मुताबिक जिस फार्महाउस में अफीम की खेती की जा रही थी, उसके चारों ओर गेट और घेराबंदी की गई थी। इस वजह से आम लोगों का अंदर जाना लगभग नामुमकिन था। गांव के लोगों का कहना है कि इसी कारण खेतों के अंदर क्या हो रहा है, इसकी जानकारी लंबे समय तक किसी को नहीं मिल सकी। फिलहाल इस पूरे मामले की Police Investigation जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी जांच रही है।
कुएं और तालाब पर कब्जे के भी आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के एक पुराने कुएं और आसपास के तालाब पर भी कब्जा कर लिया गया था। ये जलस्रोत पहले पूरे गांव के लिए उपयोग में आते थे, लेकिन बाद में वहां आम लोगों की पहुंच सीमित हो गई। इस वजह से गांव के लोगों को पानी के उपयोग को लेकर भी परेशानी झेलनी पड़ी।
लीज पर ली गई जमीन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह जमीन लीज पर ली गई थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी विकास विश्नोई ने बताया कि यह जमीन राजस्थान के जोधपुर निवासी आचल दास ने लीज पर ली थी। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और जब्त किए गए अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





