छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए Chhattisgarh Heatwave Update के तहत विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल अगले चार दिनों तक मौसम के मिजाज में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है और दिन के समय तेज गर्मी का असर बना रहेगा।
राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान Rajnandgaon प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Ambikapur में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक Rajnandgaon Temperature में अचानक बढ़ोतरी इस समय पूरे क्षेत्र में चल रही शुष्क हवाओं का परिणाम है।
द्रोणिका बनी लेकिन बारिश की उम्मीद कम
मौसम विभाग के अनुसार बिहार से मराठवाड़ा तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर गुजर रही है। हालांकि इस Weather System India का प्रदेश में फिलहाल बारिश या बड़े मौसम बदलाव पर खास असर नहीं पड़ रहा है। इसी कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
दिन में तेज गर्मी, सुबह-रात में हल्की ठंड
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में अभी Dry Weather Condition बनी हुई है। दिन के समय तेज धूप और गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड का एहसास बना रहता है। यह स्थिति आमतौर पर मार्च के शुरुआती दिनों में देखने को मिलती है, जब तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
रायपुर में हल्की धुंध और बढ़ता तापमान
Raipur में 10 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क ही रहने की संभावना है और फिलहाल किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
फरवरी के मौसम का भी रहा है अलग मिजाज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर में फरवरी के दौरान आमतौर पर आसमान साफ रहता है और हल्की सतही हवाएं चलती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभी बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश भी देखने को मिलती है। इतिहास में कई बार फरवरी के आखिरी दिनों में आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की स्थिति भी बनी है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी रहे खास
मौसम विभाग के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि रायपुर में 9 फरवरी 1893 को तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जाता है। वहीं 28 फरवरी 2009 को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो फरवरी के लिहाज से असामान्य रूप से गर्म दिन था।





