सीजी भास्कर, 14 अप्रैल । सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़गांव में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला खासतौर पर ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही (Rural Employment Scheme Negligence) से जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हितग्राही को समय पर मजदूरी भुगतान नहीं किया गया। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रोजगार सहायक के खिलाफ वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मुड़गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही को मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत 90 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं मिल पाया। यह पूरा मामला ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही (Rural Employment Scheme Negligence) का उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें प्रशासनिक स्तर पर चूक के कारण हितग्राही को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जांच में यह सामने आया कि रोजगार सहायक धनेश्वर प्रसाद यादव द्वारा कार्य पूर्ण होने के बावजूद मानव दिवस की प्रविष्टि समय पर ऑनलाइन दर्ज नहीं की गई थी।
इस तकनीकी चूक के चलते हितग्राही को उसकी मेहनत की मजदूरी नहीं मिल सकी, जिससे उसे आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस तरह की ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही (Rural Employment Scheme Negligence) न केवल योजनाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के भरोसे को भी कमजोर करती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मामले की जांच के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक के मानदेय से 21,871 रुपये की राशि वसूलने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही (Rural Employment Scheme Negligence) के मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्देश के अनुसार यह राशि आगामी पांच माह तक किश्तों में काटी जाएगी और संबंधित हितग्राही को भुगतान किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि शासकीय योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक समय पर लाभ पहुंचाना है, लेकिन यदि किसी स्तर पर लापरवाही होती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस पूरे मामले को ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही (Rural Employment Scheme Negligence) की श्रेणी में रखते हुए सख्त संदेश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही, यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ सही समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सके।


