सीजी भास्कर, 7 अक्टूबर : अंतागढ़ को अलग जिला बनाने की मांग (Antagarh Separate District Demand) एक बार फिर तेज हो गई है। वर्षों पुरानी मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने अब अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन वीर नारायण सिंह चौक स्थित धरना स्थल पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय युवाओं की मौजूदगी रही। मासबरस ग्राम पंचायत की महिलाओं ने भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
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15 साल से उठ रही अलग जिला बनाने की मांग
अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग (Antagarh Separate District Demand) को लेकर क्षेत्रवासी पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से आंदोलन और संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और यहां से शासन को मिलने वाले राजस्व को देखते हुए अंतागढ़ को अलग जिला बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक क्षेत्र में खनिज और माइनिंग गतिविधियां भी हैं। उनका मानना है कि अंतागढ़ को जिला बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर विकास की रफ्तार बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एक प्रदर्शनकारी रमेश बघेल ने कहा कि क्षेत्र माइनिंग से समृद्ध है। अगर अंतागढ़ को जिला बनाया जाता है तो इससे रोजगार और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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स्थानीय युवाओं ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
अलग जिला बनाने की मांग (Antagarh Separate District Demand) को लेकर स्थानीय युवाओं ने भी पिछले कुछ महीनों से अभियान चलाया। युवाओं ने अंतागढ़ क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों और साप्ताहिक बाजारों में हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों से समर्थन जुटाया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर किए। इसके बाद अब अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने से आंदोलन को और गति मिलने की उम्मीद है।
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मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग (Antagarh Separate District Demand) को लेकर प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए। आंदोलन के पहले दिन ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक अंतागढ़ को अलग जिला बनाने की मांग (Antagarh Separate District Demand) पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
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