सीजी भास्कर 23 अप्रैल
बस्तर की अपूर्वा त्रिपाठी को नई दिल्ली स्थित ICAR (कृषि भवन) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम “MIONP 2.0” के दौरान “स्पाइस आइकॉन 2026” सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें जैविक खेती, नवाचार और किसानों के हित में किए गए कार्यों के लिए प्रदान किया गया। उन्हें “स्पाइस कल्टीवेशन एक्सीलेंस” श्रेणी में यह उपलब्धि मिली है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञ हुए शामिल
16-17 अप्रैल को आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि स्टार्टअप, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल हुए। कार्यक्रम ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में गुजरात नेचुरल फार्मिंग साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सीके टिम्बाडिया और कृषि क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ एमसी डॉमिनिक सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इन्हीं गणमान्य व्यक्तियों ने अपूर्वा त्रिपाठी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
“क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026” रहा मुख्य आकर्षण
इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण “क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026” रहा, जिसमें कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
बस्तर और आदिवासी महिलाओं को समर्पित सम्मान
अपूर्वा त्रिपाठी ने इस उपलब्धि को बस्तर की महिलाओं, किसानों और अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरी टीम और समुदाय की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका
उनके नेतृत्व में “मां दंतेश्वरी हर्बल समूह” ने बस्तर में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया है। इस पहल के जरिए सैकड़ों आदिवासी महिलाओं को रोजगार मिला है और वे आत्मनिर्भर बनी हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिला राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच
इस समूह ने “एमडी बोटैनिकल्स” नाम से एक प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसके माध्यम से बस्तर के जैविक उत्पाद देश और विदेश तक पहुंच रहे हैं।
नवाचार से किसानों को मिल रहा लाभ
समूह द्वारा “मां दंतेश्वरी ब्लैक पेपर-16” नामक काली मिर्च की किस्म विकसित की गई है, जो अधिक उत्पादन देने वाली और किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इसके साथ ही एक कम लागत वाला “नेचुरल ग्रीनहाउस” मॉडल भी तैयार किया गया है, जिससे छोटे किसान कम खर्च में बेहतर खेती कर पा रहे हैं।


