सीजी भास्कर, 16 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत बेरलाकला में बिहान दीदियों की फूलों की खेती (Bihan Didi Flower Farming) महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं गुलाब और गेंदा उगाकर अपनी आय बढ़ाने में जुटी हैं। इससे उन्हें गांव में ही रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन का अवसर मिल रहा है।
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फूलों से बढ़ी कमाई
बेरलाकला की महिलाएं फूलों की खेती (Bihan Didi Flower Farming) को आय का साधन बना रही हैं। गुलाब और गेंदा जैसे फूलों की मांग त्योहारों और विवाह समारोहों के दौरान बढ़ जाती है। ऐसे अवसरों पर महिलाओं को बेहतर कमाई का मौका मिलता है। हालांकि, उनकी वास्तविक आय मौसम, उत्पादन और बाजार में मिलने वाले दाम पर निर्भर करती है।

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बिहान बाजार से जुड़ाव
महिलाओं ने सामूहिक खेती के साथ बिहान बाजार से भी जुड़ाव बनाया है। इससे उन्हें अपने उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। फूलों की खेती (Bihan Didi Flower Farming) के जरिए महिलाएं स्थानीय स्तर पर अपनी मेहनत का उचित मूल्य पाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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आत्मनिर्भरता की नई राह
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं पारंपरिक गतिविधियों से आगे बढ़ते हुए खेती के नए विकल्प अपना रही हैं। फूलों की खेती (Bihan Didi Flower Farming) उनके लिए आय के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का माध्यम भी बन रही है। बेरलाकला की यह पहल दिखाती है कि सरकारी योजनाओं से जुड़ाव और महिलाओं की मेहनत ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर तैयार कर सकती है।
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