सीजी भास्कर, 11 नवंबर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में एक बार फिर यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। चांपा रेलवे स्टेशन में पदस्थ एक महिला कमर्शियल क्लर्क (Bilaspur Railway Scandal) ने जोन के डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर कौशिक मित्रा पर छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस संबंध में रेलवे के महाप्रबंधक को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें 12 बिंदुओं में पूरे घटनाक्रम (12-point Allegation Report) का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
निजी टिप्पणियों से परेशान थी पीड़िता
शिकायत के अनुसार, आरोपी अधिकारी लगातार (WhatsApp Harassment) वाट्सएप चैट के माध्यम से महिला कर्मचारी को परेशान करता था। आरोप है कि वह कार्यस्थल पर बार-बार अनचाहे तरीके से हाथ या बांह छूने की कोशिश (Unwanted Physical Contact) करता था। इतना ही नहीं, वह रोजाना जिम की सेल्फी भेजने को कहता, निजी जीवन से जुड़ी अनुचित बातें करता और अशोभनीय संदेश (Obscene Messages) भेजता था। एक चैट में उसने यहां तक लिखा कि कहां ‘कंफर्टेबल होकर मिल सकते हैं’।
इन हरकतों से परेशान होकर महिला कर्मचारी ने अंततः साहस जुटाया और सभी सबूतों सहित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने (Evidence Submitted) सभी आपत्तिजनक चैट और स्क्रीनशॉट जांच समिति को सौंपे हैं।
दो महीने बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट
शिकायत के बाद जोनल स्तर पर एक आंतरिक जांच समिति (Internal Inquiry Committee) गठित की गई थी। लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पीड़िता का आरोप है कि रेलवे के कुछ अधिकारी इस मामले की फाइल को दबाए बैठे हैं और (Delay in Action) जानबूझकर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश कर रहे हैं।
(Bilaspur Railway Scandal) निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने महाप्रबंधक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी अफसर के खिलाफ (Strict Disciplinary Action) कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी महिला कर्मचारी इस तरह के उत्पीड़न का शिकार न हो। सूत्रों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जोन मुख्यालय ने इसे गोपनीय जांच (Confidential Inquiry) के तहत रखा है।



