सीजी भास्कर, 07 अक्टूबर । मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ दायर रिकॉल अर्जी पर बुधवार को जल्द सुनवाई की मांग की गई। (CEC Act Recall Plea)
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जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी का जिक्र : CEC Act Recall Plea
वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के सामने इस अर्जी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मामले में एक क्यूरेटिव याचिका भी दाखिल की जा चुकी है, लेकिन उनका कहना है कि क्यूरेटिव याचिका से पहले रिकॉल के पहलू पर विचार किया जाना चाहिए।
इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत मामले की जांच करेगी और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
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जस्टिस शर्मा के बेटे को लेकर हितों के टकराव का दावा
रिकॉल अर्जी में जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा से जुड़े एक कथित हितों के टकराव का भी मुद्दा उठाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे सिद्धार्थ शर्मा जुलाई 2024 से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के स्टैंडिंग काउंसल हैं। याचिका में कहा गया है कि इस पेशेवर जुड़ाव का खुलासा (CEC Act Recall Plea) किया जाना चाहिए था, ताकि पक्षकार रिक्यूजल की मांग पर विचार कर सकें।
दरअसल, 23 सितंबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की दो सदस्यीय पीठ ने CEC और EC की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अलग-अलग राय दी थी।
जस्टिस शर्मा ने पांच जजों की बेंच की जरूरत मानी : CEC Act Recall Plea
जस्टिस दीपांकर दत्ता ने मामले को संविधान पीठ के पास भेजने की जरूरत से असहमति जताई थी। वहीं जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने माना था कि मामले में संविधान की व्याख्या से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल हैं और इसे कम से कम पांच जजों की संविधान पीठ के सामने सुना जाना चाहिए।
दोनों जजों की अलग-अलग राय के बाद मामले की फाइल CJI सूर्यकांत के पास भेजी गई, ताकि यह तय किया जा सके कि मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ गठित की जाए या नहीं।
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चयन समिति में नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल
यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की संवैधानिक वैधता से जुड़ा है। इस कानून (CEC Act Recall Plea) में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली चयन समिति से CJI को हटाकर प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया है। मौजूदा व्यवस्था में समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं।
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