सीजी भास्कर, 10 अगस्त : छत्तीसगढ़ के सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों (CG School Committee) में स्कूल प्रबंधन एवं विकास समितियों (SMDC) की जगह नई स्कूल प्रबंधन समितियां (SMC) गठित करने की प्रक्रिया फिलहाल रायपुर जिले में अटक गई है। जिले के 215 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पुरानी समितियों को अभी भंग नहीं किया गया है। वहीं, नई समितियों के गठन पर भी रोक लगा दी गई है। इससे स्कूलों में नई व्यवस्था लागू होने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
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केंद्र सरकार की 5 जून की गाइडलाइन के अनुसार पुरानी एसएमडीसी को खत्म कर नई एसएमसी गठित (CG School Committee) की जानी है। नई व्यवस्था में स्कूल प्रबंधन में अभिभावकों, स्थानीय निकायों, शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों की भूमिका बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
वहीं पुरानी व्यवस्था में सांसदों और विधायकों के मनोनीत प्रतिनिधियों की भी भूमिका रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद समिति की संरचना में बदलाव होना है और स्कूल के प्रबंधन एवं विकास से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी।
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रायपुर में प्रक्रिया क्यों रुकी
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से नई एसएमसी (CG School Committee) के गठन के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद रायपुर जिले के कई स्कूलों में समिति गठन की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई थी। कुछ स्कूलों में पहली बैठक होने की जानकारी भी सामने आई।
इसी बीच रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से प्राचार्यों को संदेश भेजकर पुरानी समिति को भंग नहीं करने और नई समिति का गठन नहीं करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद जिले के 215 स्कूलों में समिति गठन की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। इस स्थिति के चलते स्कूल प्राचार्यों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बयानों में भी निर्देशों को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है।
नई व्यवस्था में अभिभावकों की बढ़ेगी भूमिका
नई एसएमसी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के प्रबंधन और विकास में अभिभावकों तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। समिति को स्कूल की विकास योजना तैयार करने और उसके क्रियान्वयन की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
इसके अलावा सरकारी अनुदान के उपयोग की निगरानी, विद्यार्थियों की उपस्थिति, ड्रॉपआउट रोकने और मिड-डे मील जैसी व्यवस्थाओं पर भी समिति नजर रखेगी। इससे स्कूलों के कामकाज में स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।
पुरानी एसएमडीसी व्यवस्था में सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के मनोनीत प्रतिनिधियों की भूमिका रहती थी। नई व्यवस्था में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को अधिक महत्व दिया जाएगा।
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रायपुर में नई व्यवस्था को लेकर असमंजस
रायपुर में समिति गठन की प्रक्रिया रुकने के बाद नई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक प्रभाव की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। फिलहाल जिले के 215 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पुरानी समितियां बरकरार हैं। नई एसएमसी का गठन कब से शुरू होगा और पुरानी समितियों को कब भंग किया जाएगा, यह विभाग के अगले आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
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