सीजी भास्कर, 07 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के कथित 500 करोड़ रुपए से अधिक के कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने करीब 9500 पन्नों का छठा पूरक चालान विशेष अदालत में पेश किया है। इसमें 12 आरोपियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कोयला परिवहन से प्रति टन 25 रुपए की कथित अवैध वसूली की जाती थी। (Chhattisgarh Coal Levy Case)
- 5 करोड़ रुपए के लेन-देन से सिंडिकेट तैयार करने का दावा : Chhattisgarh Coal Levy Case
- 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद वसूली का सिस्टम बनने का आरोप
- जिलों में बैठकें और विश्राम गृहों की बुकिंग की जांच : Chhattisgarh Coal Levy Case
- पैलेट परिवहन में 100 रुपए प्रति टन वसूली का आरोप
- डायरियों में करोड़ों की एंट्री मिलने का दावा : Chhattisgarh Coal Levy Case
- जमीन, फ्लैट और वाशरी में निवेश की जांच
- राजनीतिक लेन-देन और वॉट्सऐप चैट का भी जिक्र
- कोल लेवी मामले में अब तक छह चालान : Chhattisgarh Coal Levy Case
जांच में जब्त मोबाइल, वॉट्सऐप चैट, डायरियों और बैंक लेन-देन से मिले दस्तावेजों को चालान का हिस्सा बनाया गया है। एजेंसी के अनुसार, वसूली की रकम का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, जमीन, फ्लैट, वाशरी और अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
5 करोड़ रुपए के लेन-देन से सिंडिकेट तैयार करने का दावा : Chhattisgarh Coal Levy Case
EOW के अनुसार, कथित वसूली का पूरा नेटवर्क तैयार करने में करीब 5 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। जांच एजेंसी का दावा है कि पप्पू बंसल ने रकम दी, जबकि निखिल चंद्राकर और नवनीत के जरिए यह रकम सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई गई।
जांच में सामने आया कि सिंडिकेट के सदस्य आपस में बातचीत और पैसों से जुड़े निर्देश देने के लिए सात अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल करते थे।
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15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद वसूली का सिस्टम बनने का आरोप
जांच के मुताबिक, 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी करने से पहले जिला खनिज अधिकारी की मंजूरी जरूरी कर दी गई थी। EOW का आरोप है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से प्रति टन 25 रुपए की कथित अवैध वसूली के लिए किया गया।
एजेंसी के अनुसार, अलग-अलग जिलों से रकम ( (Chhattisgarh Coal Levy Case)) रायपुर पहुंचाई जाती थी। यहां इसका हिसाब रखने के बाद आगे वितरण किया जाता था। अनुराग दीवान के जब्त मोबाइल से इस व्यवस्था से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने का भी दावा किया गया है।
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जिलों में बैठकें और विश्राम गृहों की बुकिंग की जांच : Chhattisgarh Coal Levy Case
EOW के मुताबिक, सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में बैठकें करते थे। उनके ठहरने के लिए विश्राम गृहों में ‘सीएम हाउस’ के नाम से बुकिंग कराए जाने के साक्ष्य मिलने की बात चालान में कही गई है।
बालको और अंबुजा से जुड़े पत्राचार को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। एजेंसी के अनुसार, एक पत्राचार में परिवहन बिलों में 25 रुपए प्रति टन की राशि जोड़ने का उल्लेख है।
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पैलेट परिवहन में 100 रुपए प्रति टन वसूली का आरोप
जांच में कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन पर भी 100 रुपए प्रति टन की कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। EOW ने तत्कालीन संचालक, भौमिकी और खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका की भी जांच की है।
एजेंसी का दावा है कि पैलेट उद्योगपतियों की बैठक लेकर उन्हें सूर्यकांत तिवारी या उसके सहयोगियों को प्रति टन 100 रुपए देने के निर्देश दिए गए थे। जब्त डायरियों में इस वसूली से संबंधित प्रविष्टियां मिलने की बात भी कही गई है।
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डायरियों में करोड़ों की एंट्री मिलने का दावा : Chhattisgarh Coal Levy Case
चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा की भूमिका का जिक्र किया गया है।
EOW के अनुसार, राम गोपाल अग्रवाल से जुड़ी जब्त डायरियों में ‘भवन’ और ‘C PARTY’ नाम से 32 एंट्री मिली हैं, जिनमें करीब 104.20 करोड़ रुपए दर्ज हैं। एजेंसी ने दावा किया है कि रकम का इस्तेमाल पार्टी से जुड़े कामों में किए जाने के तथ्य मिले हैं।
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जमीन, फ्लैट और वाशरी में निवेश की जांच
EOW के मुताबिक, कथित कोल लेवी की रकम को जमीन, फ्लैट, वाशरी और अन्य संपत्तियों में निवेश किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। पियूष कुमार साहू की भूमिका परिवार से जुड़ी संपत्तियों में रकम निवेश कराने के मामले में बताई गई है।
अनुराग चौरसिया से जुड़े मामलों में फ्लैट और जमीन खरीद के लेन-देन की जांच की गई है। जोगेन्दर सिंह से जुड़ी सात फर्मों में करीब 40 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन का विवरण भी चालान में शामिल है। वहीं सुनील कुमार अग्रवाल के मामले में नकदी रखने, भुगतान करने और वाशरी की खरीद में निवेश से जुड़े तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।
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राजनीतिक लेन-देन और वॉट्सऐप चैट का भी जिक्र
जांच एजेंसी ने कुछ राजनीतिक नेताओं और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई वॉट्सऐप बातचीत को भी चालान में शामिल किया है। देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच मुलाकात, रायपुर आने और खैरागढ़ चुनाव से संबंधित बातचीत का उल्लेख किया गया है।
पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय को लेकर एजेंसी ने 46 लाख रुपए लेने का आरोप दर्ज किया है। जांच के अनुसार, इसमें से 42 लाख रुपए चुनाव में इस्तेमाल किए जाने और करीब 4 लाख रुपए से सोने का हार खरीदने का आरोप है। इसी तरह कांग्रेस नेता विनोद तिवारी पर 19 किश्तों में 1.87 करोड़ रुपए लेने और रकम का इस्तेमाल चुनाव तथा संपत्ति खरीद में किए जाने का आरोप लगाया गया है।
आरपी सिंह पर 2 करोड़ 1 लाख 40 हजार रुपए लेने का आरोप है। पूछताछ के दौरान रकम लेने की बात स्वीकार करने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, रकम का इस्तेमाल पार्टी के लिए वाहन और मीडिया प्रबंधन में किया गया।
कोल लेवी मामले में अब तक छह चालान : Chhattisgarh Coal Levy Case
EOW के मुताबिक, मामले में इससे पहले एक मुख्य और पांच पूरक चालान पेश किए जा चुके हैं। अब छठे पूरक चालान में अतिरिक्त दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए हैं। बाकी संभावित संदिग्धों और अन्य लेन-देन की जांच आगे भी जारी है।
इस मामले में प्रवर्तन एजेंसी के अनुसार, कोयला परिवहन और ऑनलाइन परमिट व्यवस्था से जुड़ी कथित अनियमितताओं के जरिए 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की जांच की जा रही है। मामले में पूर्व अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों समेत 36 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
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