सीजी भास्कर, 1 सितंबर 2026 : छत्तीसगढ़ में मानसून की जोरदार बारिश (Chhattisgarh Weather) ने ज्यादातर जिलों में राहत दी है। 30 अगस्त तक प्रदेश में 898.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 33 में से 29 बांधों में पानी की स्थिति बेहतर है। हालांकि 6 जिलों में सामान्य से कम बारिश चिंता बढ़ा रही है। बारिश के इन आंकड़ों से प्रदेश में मानसून की स्थिति की तस्वीर साफ होती है।
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29 बांधों में पानी की कमी नहीं
अच्छी बारिश से प्रदेश के जलाशयों में जलभराव की स्थिति मजबूत हुई है। 33 छोटे-बड़े बांधों में से 29 में पानी की कोई कमी नहीं है। केवल 4 बांधों में जलभराव 50 प्रतिशत से कम है।
सोंढूर और कोडार बांध 100 प्रतिशत भर चुके हैं। मिनीमाता बांगो में 92.25 प्रतिशत, गंगरेल में 89.96 प्रतिशत, दुधावा में 81.16 प्रतिशत, सिकासर में 81 प्रतिशत और तांदुला में 77.47 प्रतिशत पानी है। मानसून (Chhattisgarh Weather) की सक्रियता से जलाशयों की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।
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27 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 27 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 166 प्रतिशत, बलरामपुर में 157 प्रतिशत, रायपुर और महासमुंद में 130 प्रतिशत तथा नारायणपुर में 121 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
गरियाबंद में 120 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 116 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में 114 प्रतिशत और बालोद में 108 प्रतिशत बारिश हुई है। भारी बारिश (Chhattisgarh Weather) ने इन जिलों में खेती और जलाशयों को राहत दी है।
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6 जिलों में बारिश ने बढ़ाई चिंता
अच्छी बारिश के बावजूद 6 जिले सामान्य से कम वर्षा वाले हैं। बेमेतरा में सामान्य से 41 प्रतिशत कम, सरगुजा में 39 प्रतिशत कम और कांकेर में 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जशपुर में 33 प्रतिशत, जबकि कबीरधाम और कोरिया में 20-20 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
सरगुजा संभाग में बारिश की कमी सबसे ज्यादा चिंता का कारण बनी हुई है। बारिश की कमी (Chhattisgarh Weather) का असर खेती-किसानी पर पड़ने की आशंका है।
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सितंबर की बारिश पर टिकी किसानों की उम्मीद
इस खरीफ सीजन में प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई है। किसानों को 4.58 लाख क्विंटल बीज और करीब 12 लाख टन उर्वरक आवंटित किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के अनुसार सितंबर में भी अलग-अलग तारीखों पर बारिश के संकेत हैं। धान की फसल को पकने तक पर्याप्त पानी की जरूरत होगी। ऐसे में आने वाले दिनों की मानसून बारिश (Chhattisgarh Weather) किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
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