सीजी भास्कर, 03 जून। मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अधिकारियों के बीच कार्यों का व्यापक पुनर्गठन किया है। (Chief Minister’s Secretariat working arrangement)
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी आदेश में सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश के पांचों संभागों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
नए आदेश के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में न केवल विभागों की निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था बनेगी, बल्कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं, विशेष परियोजनाओं, जन शिकायतों और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग भी अधिक केंद्रित तरीके से हो सकेगी।
किसके पास क्या जिम्मेदारी? : Chief Minister’s Secretariat working arrangement
मुख्यमंत्री सचिवालय में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को दी गई हैं। राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सर्वोच्च न्यायालय, नीति आयोग, लोकसभा-राज्यसभा और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जुड़े विषयों की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। इसके अलावा मंत्रिपरिषद, समन्वय, अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों (AIS), विभागाध्यक्षों, जन घोषणा पत्र, मुख्यमंत्री की विशेष परियोजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की निगरानी भी वे करेंगे। विभागीय स्तर पर सामान्य प्रशासन, वित्त, खनिज, विधि-विधायी और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग उनके अधिकार क्षेत्र में रहेंगे।
इसी तरह सचिव मुकेश कुमार बंसल मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के साथ कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, ऊर्जा, जल संसाधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आबकारी तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन जैसे विभागों की निगरानी करेंगे। सचिवालय के कर्मचारियों से जुड़े कई प्रशासनिक मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।
सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, विवेकाधीन निधि और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जुड़े मामलों का संचालन करेंगे। लोक निर्माण, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभाग भी उनके जिम्मे रहेंगे।
सचिव राहुल भगत को मुख्यमंत्री निवास से जुड़े समन्वय कार्यों के साथ गृह, जेल, परिवहन, संस्कृति, पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष सचिव रजत बंसल सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों को देखेंगे। उनके पास पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामोद्योग तथा विमानन विभाग रहेंगे।
संयुक्त सचिव प्रभात मलिक जनदर्शन और जन शिकायत निवारण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, नगरीय प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, योजना, कौशल विकास एवं रोजगार तथा श्रम विभागों की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।
पांच संभागों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी
सरकार ने पहली बार स्पष्ट रूप से संभागवार जवाबदेही तय करते हुए प्रत्येक संभाग के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किया है। इन अधिकारियों को अपने-अपने संभागों में शासन की योजनाओं, विकास कार्यों, महत्वपूर्ण घटनाओं और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करनी होगी।
- रायपुर संभाग – मुकेश कुमार बंसल
- बिलासपुर संभाग – पी. दयानंद
- बस्तर संभाग – राहुल भगत
- सरगुजा संभाग – रजत बंसल
- दुर्ग संभाग – प्रभात मलिक
क्या है इस फेरबदल का महत्व? : Chief Minister’s Secretariat working arrangement
मुख्यमंत्री सचिवालय में हुए इस पुनर्गठन को केवल कार्य विभाजन नहीं, बल्कि परिणाम आधारित प्रशासनिक मॉनिटरिंग की नई व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय अब विभागवार और संभागवार दोनों स्तरों पर सीधी निगरानी रख सकेगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, जन शिकायतों के निराकरण और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं पर तेज़ी से काम होने की उम्मीद है।




