सीजी भास्कर, 26 अगस्त : अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में जिस फाइल पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, अब उसकी दोबारा विवेचना होगी। उत्तर प्रदेश की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने पुलिस की दी गई फाइनल रिपोर्ट को अपर्याप्त मानते हुए इसे खारिज कर दिया है। इस तरह जयाप्रदा को एक बार फिर अदालत का सामना करना पड़ेगा। (Code of Conduct Violation)
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है। आरोप था कि मतदान के दिन जयाप्रदा अपने वाहन को सीधे मुर्तजा इंटर कॉलेज स्थित पोलिंग बूथ के भीतर तक ले गई थीं। इस पर सेक्टर मजिस्ट्रेट जयवीर सिंह नागर ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। नागर उस समय सहायक अभियोजन अधिकारी थे और वर्तमान में उन्नाव में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। इस मामले में पुलिस ने पहले फाइनल रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने अब उसे खारिज करते हुए दोबारा विवेचना का आदेश दिया है। (Code of Conduct Violation)
जयाप्रदा राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। वह रामपुर लोकसभा सीट से दो बार सपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। हालांकि बाद में उनकी आजम खां से राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया। 2009 में विरोध के बावजूद वह दूसरी बार जीतीं, लेकिन 2014 में बिजनौर से चुनाव हार गईं। वर्ष 2019 में जयाप्रदा ने भाजपा का दामन थामा और रामपुर से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें आजम खां ने हरा दिया। इससे पहले जयाप्रदा चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दो अन्य मामलों में बरी हो चुकी हैं, लेकिन अब यह नया मोड़ उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। (Code of Conduct Violation)