सीजी भास्कर, 07 अक्टूबर। कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह पर दुर्ग पुलिस ने कड़ा प्रहार (Cyber Fraud) किया है। एसीसीयू और जिले के पांच थानों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की लाखों रुपये की रकम खपाने का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार साइबर ठग अपराध की रकम को सीधे अपने खातों में न मंगाकर म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके। इसके लिए स्थानीय लोगों को 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन का प्रलोभन देकर उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और लिंक्ड सिम कार्ड ले लिए जाते थे। बीच के एजेंट इन खातों को आगे अपराधियों तक पहुंचाने के बदले 15 से 20 हजार रुपये तक वसूलते थे।
पुलिस ने नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर और छावनी थाना क्षेत्रों में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 317(4), 318(2) और 318(3) के तहत प्रकरण दर्ज किए।
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इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी Cyber Fraud
कार्रवाई के दौरान महादेव साहू (दुर्ग), पीलू खिलाड़ी (सुरपा), विराज कुमार पोल (रिसाली), नीरज कुमार प्रसाद (सेक्टर-7), राबिन सिंह (सेक्टर-7), विशु बंजारे (उतई), नवीन ठाकुर (सुपेला) और टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर (पुरानी भिलाई) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई बैंकों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। कमीशन के फेर में साइबर अपराधियों को खाता उपलब्ध कराने पर खाताधारक सीधे कानूनी कार्रवाई के दायरे (Cyber Fraud) में आएंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल बैंक, नजदीकी थाने या साइबर सेल में सूचना दें।
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