सीजी भास्कर, नई दिल्ली, 30 अक्टूबर। दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली (Delhi Vote Bachao Rally) को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली (Vote Bachao Desh Bachao Rally) में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की अपील राहुल गांधी ने की है। कांग्रेस इसे चुनाव में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन बता रही है। दूसरी ओर, दिल्ली के कारोबारियों को आशंका है कि रैली के कारण त्योहार से ठीक पहले बाजारों में आवाजाही बाधित हो सकती है और हजारों करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों ने पहले राहुल गांधी से अपील की थी और अब सोनिया गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख या स्थान बदलने की मांग की है।
यह भी पढ़ें : Bemetara BJP Protest : आरएसएस और भाजपा पर टिप्पणी से बवाल, बेमेतरा में गुरुदयाल बंजारे का पुतला फूंका
सोनिया गांधी को क्यों लिखा पत्र
दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोनिया गांधी को पत्र भेजकर अपनी चिंता जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले राहुल गांधी को तीन बार अपनी परेशानी बता चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसी वजह से उन्होंने सोनिया गांधी से हस्तक्षेप करने की अपील की है। CTI के मुताबिक, रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली के बाजारों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे त्योहार के समय खरीदारी और माल की आपूर्ति में परेशानी आने की आशंका है।
यह भी पढ़ें : SIR 2026 : 6 राज्यों में वोटर लिस्ट की तारीखें बदलीं, 22 दिसंबर को आएगी अंतिम सूची, जानें नई डेडलाइन
दिवाली से पहले क्यों बढ़ी चिंता
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि व्यापारी कांग्रेस की रैली के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उन्हें इसकी तारीख से परेशानी है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में 1 नवंबर का दिन बाजारों में खरीदारी और कारोबार के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। व्यापारियों का दावा है कि रैली में करीब 10 लाख लोग और हजारों गाड़ियां दिल्ली पहुंचीं तो लगभग 20 बड़े बाजारों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि त्योहार के दिनों में कारोबारियों के लिए हर दिन महत्वपूर्ण होता है और ऐसे समय में यातायात बाधित होने से व्यापार को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें : Sanju Tripathi Murder Case : न्यायधानी के सबसे चर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा फैसला, सभी 22 आरोपी बरी
सोनिया गांधी के सामने दो विकल्प
व्यापारियों ने अपने पत्र में कांग्रेस के सामने दो विकल्प रखे हैं। पहली मांग है कि रैली को 10-11 नवंबर के बाद आयोजित किया जाए, ताकि दिवाली के कारोबार पर असर न पड़े। दूसरी मांग है कि यदि रैली 1 नवंबर को ही होनी है तो इसका स्थान रामलीला मैदान से बदलकर बुराड़ी मैदान कर दिया जाए। CTI का कहना है कि बुराड़ी मैदान में करीब 15 हजार गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था हो सकती है। व्यापारियों के मुताबिक, इससे बाजारों के आसपास यातायात पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें : Bastar Technical Assistants : बस्तर में चार तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई, दो ने दिया इस्तीफा और एक की सेवा समाप्त
हजारों करोड़ के कारोबार पर असर
व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान में 15 से 20 हजार गाड़ियों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने से पुरानी दिल्ली और आसपास की सड़कों पर जाम लग सकता है। उनका दावा है कि यातायात बाधित होने से करीब 20 बड़े बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इन बाजारों से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामान की आपूर्ति होती है। ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि रैली के दिन बाजारों में कामकाज प्रभावित होने का असर दिल्ली के साथ दूसरे राज्यों तक भी पहुंच सकता है। फिलहाल व्यापारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से रैली की तारीख या स्थान बदलने की अपील की है। अब देखना होगा कि उनकी मांग पर पार्टी क्या फैसला लेती है।
यह भी पढ़ें : Supreme Court On Digital Arrest : डिजिटल अरेस्ट पर CJI सख्त, बोले- बैंक लापरवाही करें तो हर्जाना दें



