सीजी भास्कर, 23 सितंबर : जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के गोढ़ीकला निवासी किसान मुकेश यादव ने आधुनिक सिंचाई तकनीक (Drip Irrigation Farming) अपनाकर खेती में नई राह बनाई है। एक एकड़ में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खीरे की खेती कर उन्होंने करीब 2.25 लाख रुपये की आय अर्जित की। बेहतर परिणाम के बाद अब उन्होंने 4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू की है।
यह भी पढ़ें : Fish Farming Success : 0.40 हेक्टेयर के तालाब में सालाना 250 क्विंटल मछली का उत्पादन, कमाई लाखों में
वर्षा आधारित खेती से आधुनिक तकनीक तक
मुकेश यादव पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे। उनकी खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर थी। पर्याप्त सिंचाई सुविधा और आधुनिक तकनीक नहीं होने के कारण उत्पादन सीमित रहता था। जलग्रहण परियोजना के तहत कृषि विभाग से उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली और तकनीकी मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने एक एकड़ में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक अपनाकर खीरे की खेती शुरू की। नियंत्रित सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन से उत्पादन व गुणवत्ता में सुधार हुआ।
यह भी पढ़ें : Kevra Liquor Ban : 2500 की आबादी वाले आदिवासी गांव ने छोड़ा शराब निर्माण का अधिकार, 16 लोगों पर 45 हजार का अर्थदंड
कम पानी में खीरे से 2.25 लाख की आय
ड्रिप सिंचाई के जरिए फसल को आवश्यकता के अनुसार पानी और पोषक तत्व देना आसान हुआ। इससे पानी के बेहतर उपयोग के साथ पौधों की देखभाल भी सुविधाजनक हुई। मुकेश के मुताबिक, खीरे की खेती (Drip Irrigation Farming) से उन्हें करीब 2 लाख 25 हजार रुपये की आय हुई। बाजार में अच्छी कीमत और कम पानी में बेहतर उत्पादन से उनका आधुनिक खेती पर भरोसा बढ़ा।
यह भी पढ़ें : Sheetla Mai Temple : शीतला माई मंदिर की दानपेटी तोड़कर चोरी, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
अब 4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर
खीरे की खेती में मिले बेहतर परिणाम के बाद मुकेश ने खेती का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने अब 4 एकड़ भूमि में ड्रिप तकनीक से ग्राफ्टेड टमाटर की साहो किस्म की खेती शुरू की है। ड्रिप सिंचाई से पानी का प्रबंधन करते हुए वे उत्पादन और फसल की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। खीरे की खेती से मिली सफलता (Drip Irrigation Farming) ने उन्हें व्यावसायिक खेती को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया है।
यह भी पढ़ें : Mechka Tourism : सोंढूर डैम की खूबसूरती देखने पहुंचे 5500 से ज्यादा पर्यटक, सुविधाओं की कमी बनी परेशानी
जलग्रहण परियोजना बनी बदलाव का आधार
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) के तहत जलग्रहण परियोजना के माध्यम से मुकेश को ड्रिप सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही उन्हें आधुनिक खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। मुकेश बताते हैं कि पहले पारंपरिक खेती में मेहनत अधिक और आमदनी सीमित थी। ड्रिप प्रणाली मिलने के बाद कम पानी में खेती करने और फसल की बेहतर देखभाल का अवसर मिला।
यह भी पढ़ें : Mahadev Satta : महादेव सट्टा के मास्टरमाइंड सौरभ का रिश्तेदार प्रखर चंद्राकर गिरफ्तार
आधुनिक तकनीक से बढ़ा खेती पर भरोसा
मुकेश की कहानी (Drip Irrigation Farming) बताती है कि सिंचाई की आधुनिक तकनीक और तकनीकी मार्गदर्शन का सही इस्तेमाल खेती को अधिक व्यवस्थित और आय का बेहतर माध्यम बना सकता है। खीरे की फसल से मिली सफलता के बाद अब 4 एकड़ में टमाटर की खेती उनके लिए अगला कदम है। उनका लक्ष्य आधुनिक तकनीक के जरिए खेती में उत्पादन और आय दोनों को बढ़ाना है।
यह भी पढ़ें : BHIM MyUPI AI Assistant : BHIM MyUPI में आया AI फीचर, पेमेंट से लेकर फ्रॉड तक ऐसे मिलेगी तुरंत मदद



