सीजी भास्कर, 11 जून। दुर्ग जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। (Durg News)
बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
चिन्हित इलाकों में तस्करों पर विशेष निगरानी : Durg News
बैठक में जानकारी दी गई कि खुर्सीपार, कुम्हारी, सिकोलाभाठा समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस विभाग द्वारा नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर नशा कर माहौल खराब करने वालों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
1933 पर दें सूचना, पहचान रहेगी गोपनीय
प्रशासन ने आम नागरिकों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपील की है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1933 जारी किया गया है।
यदि किसी क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या सेवन से संबंधित जानकारी हो तो नागरिक इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
ऑनलाइन दवा सप्लाई पर भी प्रशासन की नजर
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ड्रग लाइसेंस प्राप्त कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली दवाओं की आपूर्ति पर चिंता व्यक्त की।
इसके बाद औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए गए कि संदिग्ध दवाओं की बिक्री और वितरण पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मेडिकल स्टोर्स की जांच तेज : Durg News
औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि जिले की मेडिकल दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
दवा विक्रेताओं को बिक्री का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के रिकॉर्ड में अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

स्कूलों और खेल परिसरों पर भी फोकस
नशे के खिलाफ जागरूकता और नियंत्रण को लेकर शिक्षा विभाग को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्कूलों से जुड़े खेल अधिकारियों और प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि खेल मैदानों, स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की नशीली गतिविधियों पर नजर रखें तथा तत्काल प्रशासन को सूचना दें।

विभागीय समन्वय से चलेगा अभियान
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नारकोटिक्स नियंत्रण और नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना और युवाओं को जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निष्कर्ष
दुर्ग प्रशासन नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और समय पर सूचना इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना सकती है।



