सीजी भास्कर, 22 अप्रैल : छत्तीसगढ़ की जल संपदा और कृषि का आधार स्तंभ (Gangrel Dam Upgrade) माने जाने वाले रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) की सुरक्षा और मजबूती के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बांध की संरचनात्मक शक्ति को बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए (Gangrel Dam Upgrade) के तहत 65.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध की आयु बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मरम्मत और संधारण कार्यों को हरी झंडी
धमतरी जिले में स्थित यह विशाल जलाशय पिछले कई दशकों से क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का केंद्र रहा है। समय के साथ बांध की संरचना में आने वाली प्राकृतिक गिरावट को रोकने के लिए (Gangrel Dam Upgrade) के अंतर्गत विशेष मरम्मत कार्य किए जाएंगे। प्रस्तावित योजना के अनुसार, बांध की आंतरिक मजबूती के लिए ‘वर्टिकल प्रेशर ड्रेन’ की सफाई की जाएगी, जिससे जल रिसाव (सीपेज) की समस्या का वैज्ञानिक समाधान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन संधारण कार्यों से बांध की कार्यक्षमता में क्रांतिकारी सुधार आएगा।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
परियोजना की महत्ता को देखते हुए धमतरी कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस (Gangrel Dam Upgrade) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से तत्काल पूरा किया जाए और निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का कड़ा परीक्षण हो।
कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा, “गंगरेल बांध केवल धमतरी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा है। इसकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और (Gangrel Dam Upgrade) परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्य योजना तैयार की गई है।”
चार दशकों से क्षेत्र का पालनहार है गंगरेल
वर्ष 1978 में निर्मित गंगरेल बांध पिछले 48 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहा है। यह बहुउद्देशीय परियोजना न केवल हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को जीवन देती है, बल्कि रायपुर और भिलाई जैसे बड़े शहरों के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत भी है। इसके अलावा, यहाँ से 11.2 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन भी किया जाता है। इस नए (Gangrel Dam Upgrade) के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके इसकी नींव और दीवारों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलता रहे।
सीपेज और ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष फोकस
लंबे समय से बांध के कुछ हिस्सों में मामूली रिसाव की खबरें आती रही हैं, जो बड़े जलाशयों के लिए स्वाभाविक प्रक्रिया है। हालांकि, नई (Gangrel Dam Upgrade) परियोजना के तहत अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और वैज्ञानिक संधारण विधियों को अपनाया जा रहा है। इससे बांध की दीवार के भीतर जमा होने वाले अतिरिक्त जल दबाव को कम किया जा सकेगा, जो बांध की सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 21 अप्रैल 2026 को जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद अब धमतरी के किसानों और नागरिकों में सुरक्षा को लेकर एक नया विश्वास जागा है।


