सीजी भास्कर, 14 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य (Gomarda Wildlife Sanctuary) में 50 काले हिरण छोड़े जाएंगे। राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जंगल सफारी शुरू करने की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे जिले को वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है।
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जंगल सफारी को मंजूरी
गोमर्डा अभयारण्य (Gomarda Wildlife Sanctuary) में काले हिरणों को छोड़ने की पहल वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बारनवापारा अभयारण्य में हुए सफल प्रयोग के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रस्ताव के लागू होने से पर्यटकों को वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने का अवसर मिल सकता है।
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युवाओं को मिलेगा रोजगार
जंगल सफारी और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर (Gomarda Jungle Safari) खुलने की उम्मीद है। गाइड, वाहन चालक, परिवहन सेवा, भोजनालय, ग्रामीण आवास और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में काम के अवसर विकसित हो सकते हैं। इससे छोटे व्यापारियों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
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सुविधाओं के विकास पर जोर
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व में जिला प्रशासन और वन विभाग पर्यटकों के लिए पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रहे हैं। पर्यटन सेवाओं के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने और छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति व पारंपरिक खान-पान को प्रकृति पर्यटन से जोड़ने की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
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जिले को मिलेगी नई पहचान
गोमर्डा में जंगल सफारी (Gomarda Jungle Safari) की संभावनाएं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पर्यटन विकास को नई दिशा दे सकती हैं। इससे स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। हालांकि, सफारी शुरू होने की तारीख और संचालन की विस्तृत योजना को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
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