सीजी भास्कर, 10 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए सरकार ने नई पहल की है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की है। इसके तहत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक कौशल और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण (Chhattisgarh Skill Development) दिया जाएगा। योजना में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थियों पर विशेष जोर रहेगा।

चार संस्थाओं से सहयोग
दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर विभाग ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए चार संस्थाओं के साथ सहयोग की पहल की। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देगी। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) गतिविधियों के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने और औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों को समझने का अवसर मिलेगा।
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सॉफ्ट स्किल पर जोर
नांदी फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों को अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी, व्यक्तित्व विकास और सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है।

AI और मशीन लर्निंग के पाठ्यक्रम
सरकार आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर रही है। इसके बाद उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित विषय शामिल होंगे। इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण (Chhattisgarh Skill Development) भी मिलेगा। इससे उन्हें बदलते औद्योगिक परिवेश में रोजगार की संभावनाओं का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।
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पॉलिटेक्निक का मूल्यांकन
प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशिक्षण व्यवस्था सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इसमें संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, अधोसंरचना, प्रशिक्षण व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया गया। मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन रोजगार मेले के समापन समारोह में किया गया। इसके आधार पर संस्थानों के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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रोजगार पोर्टल बनेगा स्किल मार्केट
विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में उद्योगों की जरूरतों, रिक्त पदों और रोजगार तलाश रहे युवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है। युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, उद्योग अपनी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगे। इससे रोजगार प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
रोजगार के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में इन पहलों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्योगों के साथ समन्वय, आधुनिक पाठ्यक्रम और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर है। हालांकि, इन पहलों से रोजगार के कितने नए अवसर बनेंगे, यह प्रशिक्षण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और उद्योगों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
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