सीजी भास्कर, 10 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के 140 करोड़ रुपये से अधिक के कस्टम मिलिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार (Ramgopal Agrawal Arrest) किया है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने रामगोपाल अग्रवाल को 13 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर सौंप दिया है। इस मामले में उनसे पहली बार विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
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जेल में तीन दिन पूछताछ
ईडी वर्ष 2024 में ही इस मामले में अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। हालांकि, अब तक रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ नहीं हो सकी थी। रिमांड हासिल करने से पहले एजेंसी ने विशेष अदालत की अनुमति लेकर रायपुर जेल में तीन दिन तक उनसे पूछताछ की। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए कस्टडी में लिया गया। ईडी अब कथित अवैध लेन-देन और घोटाले से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल करेगी।
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पार्टी फंड के लिए वसूली
मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 से जुड़ा है। उस दौरान कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी। जांच एजेंसी के आरोपों के अनुसार, प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के एवज में राइस मिलर्स से दो किस्तों में 20-20 रुपये प्रति क्विंटल की कथित अवैध वसूली (Ramgopal Agrawal Arrest) की गई। रामगोपाल अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने इस घोटाले से प्राप्त बड़ी राशि पार्टी फंड के लिए एकत्र की थी। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना बाकी है। ईडी रिमांड के दौरान कथित वसूली, धन के लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
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शराब घोटाले में भी आरोपपत्र
रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ शराब घोटाला मामले में भी ईडी आरोपपत्र पेश कर चुकी है। इस प्रकरण में शुक्रवार को न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित की गई है। अब इस मामले की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
13 अक्टूबर तक रिमांड
कस्टम मिलिंग घोटाले (Ramgopal Agrawal Arrest) में ईडी की पूछताछ का मुख्य फोकस कथित अवैध वसूली, पार्टी फंड के लिए राशि जुटाने और उससे जुड़े लेन-देन पर रहेगा। अदालत ने उन्हें 13 अक्टूबर तक एजेंसी की रिमांड पर भेजा है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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