सीजी भास्कर, 15 जून। यात्रियों को सफर के दौरान त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू (Health Kiosk) की गई एक महत्वपूर्ण सेवा इन दिनों सवालों के घेरे में है। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को जहां आसान और किफायती स्वास्थ्य जांच का भरोसा दिया गया था, वहीं अब कई लोग जरूरी सुविधा नहीं मिलने से निराश नजर आ रहे हैं। लगातार बंद पड़ी व्यवस्था को लेकर यात्रियों के बीच भी चर्चा बढ़ गई है।
स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन सहायता जैसी सेवाओं का उपलब्ध होना महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह सुविधा ठप होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
10 दिनों से बंद पड़ी है जांच सुविधा : Health Kiosk
रायपुर रेलवे स्टेशन पर स्थापित हेल्थ कियोस्क सेंटर पिछले करीब 10 दिनों से बंद बताया जा रहा है। मशीन खराब होने के कारण स्वास्थ्य जांच सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य परामर्श केंद्र भी संचालित नहीं हो रहा है।
यात्रियों को नहीं मिल रहा पूरा लाभ
स्टेशन परिसर में लगाए गए सूचना बोर्ड पर 91 रुपये में 31 प्रकार की स्वास्थ्य जांच उपलब्ध होने का दावा किया गया है। इनमें रक्तचाप, शुगर, ऑक्सीजन स्तर, कोलेस्ट्रॉल, हीमोग्लोबिन, हृदय जांच और अन्य परीक्षण शामिल बताए गए हैं। हालांकि वर्तमान में यात्रियों को केवल सीमित जांच सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। इनमें रक्तचाप, शुगर, नाड़ी की जांच और तापमान मापने जैसी सेवाएं शामिल हैं।
सितंबर 2025 में हुई थी शुरुआत
रेलवे स्टेशन में इस स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत सितंबर 2025 में की गई थी। इसके संचालन की जिम्मेदारी एक निजी संस्था को पांच वर्षों के लिए सौंपी गई थी। स्टेशन के गेट नंबर दो के पास मेडिकल स्टोर और स्वास्थ्य परामर्श केंद्र भी स्थापित किया गया था।
टेंडर की शर्तों पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार व्यवस्था के तहत दो फार्मासिस्ट और एक एंबुलेंस उपलब्ध कराने का प्रावधान (Health Kiosk) था। लेकिन मौके पर इन सुविधाओं के नहीं मिलने की बात सामने आई है। इससे सेवा की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
संचालक ने बताई वजह
संचालक पक्ष का कहना है कि हेल्थ कियोस्क मशीन को सर्विसिंग के लिए भेजा गया है और निर्धारित अवधि के बाद मशीन की तकनीकी जांच आवश्यक होती है। साथ ही स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में पानी टपकने और चूहों की समस्या का भी उल्लेख किया गया है।
रेलवे प्रशासन करेगा जांच
रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं या नियमों का पालन नहीं हुआ तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





