सीजी भास्कर, 09 सितम्बर। राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit 2026 को लेकर तैयारियां तेज हैं। रूस और चीन समेत कई देशों के शीर्ष नेता इस सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा पर खास नजर है। पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक में रक्षा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। (India Russia Defence Talks)
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BrahMos के अपग्रेड पर बड़ा संकेत : India Russia Defence Talks
मोदी-पुतिन मुलाकात से पहले भारत और रूस ने BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को अपग्रेड करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक, दोनों देश BrahMos में नई क्षमताएं और अतिरिक्त फीचर्स जोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करना है।
BrahMos भारत और रूस का संयुक्त रक्षा प्रोजेक्ट है। यह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तकनीकी और रणनीतिक सहयोग का प्रमुख उदाहरण माना जाता है।
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मोदी-पुतिन की बैठक पर टिकी निगाहें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में होने वाली है। यह मुलाकात BRICS Summit से पहले दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बातचीत में रक्षा सहयोग के अलावा S-400 और अन्य रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं।
रूस के साथ रक्षा सहयोग रहेगा अहम : India Russia Defence Talks
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने रक्षा आयात के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश की है, लेकिन रूस अभी भी भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में शामिल है। BrahMos जैसे संयुक्त प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग की गहराई को दर्शाते हैं।
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BRICS Summit से बढ़ेगा कूटनीतिक महत्व
नई दिल्ली में होने वाला BRICS Summit भारत के लिए कूटनीतिक रूप से भी अहम है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें प्रस्तावित हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन बैठक पर विशेष नजर रहेगी, जहां रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर अहम बातचीत होने की उम्मीद है।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि मोदी-पुतिन की मुलाकात के बाद BrahMos के भविष्य और भारत-रूस रक्षा सहयोग को लेकर क्या नए संकेत सामने आते हैं।
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