सीजी भास्कर, 9 सितंबर : सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। करीब 10 साल से जर्जर मार्ग की मरम्मत नहीं होने से लोगों को गड्ढों, कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बारिश के बीच पांच गांवों के ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और जल्द मरम्मत की मांग उठाई। ग्रामीणों का यह प्रदर्शन सड़क विरोध प्रदर्शन (Korba Road Protest) अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है।
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कीचड़ में बैठकर प्रदर्शन
मामला कोरबा जिले का है, जहां मिनीमाता बांगो बांध मार्ग की खराब हालत से पांच गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। बारिश के दौरान सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाता है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है।
नाराज ग्रामीणों ने बदहाल सड़क के बीच बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन (Korba Road Protest) काफी देर तक चलता रहा।
10 साल से जर्जर मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क पिछले करीब 10 साल से जर्जर हालत में है। उनका आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर गड्ढों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति की जाती है। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और सड़क फिर से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। इसके अलावा बांगो बांध पर्यटन स्थल होने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में सड़क की खराब हालत से स्थानीय ग्रामीणों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की मांग (Korba Road Protest) तेज कर दी है।
आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर जनपद सदस्य आयुष सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सड़क की स्थिति को लेकर चर्चा की। बातचीत के बाद ग्रामीणों को सड़क समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से अब बात नहीं बनेगी। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो वे दोबारा सड़क पर उतरेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन को आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी (Korba Road Protest) भी दी है।
चक्काजाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान सड़क की हालत और ज्यादा खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को रास्ते का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे परेशानी और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क का स्थायी समाधान किया जाए।
फिलहाल आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की चक्काजाम की चेतावनी (Korba Road Protest) से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि लंबे समय से चली आ रही सड़क की समस्या के समाधान के लिए धरातल पर कब तक काम शुरू होता है ।
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