सीजी भास्कर, 04 सितंबर : जल शक्ति मंत्रियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और सरकार के कामकाज में बेहतर परिणाम लाने के लिए जल शक्ति मंत्रियों की कार्यशाला (Jal Manthan Workshop) आयोजित की गई। इसमें जल संसाधन, प्रभावी मंत्री-व्यवस्था और संगठन-सरकार के बीच बेहतर तालमेल जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

14 राज्यों के 25 मंत्री हुए शामिल Jal Manthan Workshop
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय जल मंथन में भाजपा शासित 14 राज्यों के 25 जल शक्ति मंत्री शामिल हुए। कार्यशाला में जल शक्ति से जुड़े विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
जल शक्ति विभाग के तहत सिंचाई, ग्रामीण पेयजल, पेयजल और स्वच्छता जैसे विषय शामिल होते हैं। कई राज्यों में इन विभागों को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग के नाम से भी जाना जाता है।
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प्रभावी मंत्री-व्यवस्था पर हुई चर्चा
कार्यशाला के पहले सत्र में प्रभावी मंत्री-व्यवस्था यानी मंत्री का कार्यालय और पूरा प्रशासनिक तंत्र किस तरह बेहतर तरीके से काम कर सकता है, इस पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
इसके बाद भारत में जल संसाधनों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने भारत की जल कहानी यानी ‘व्हाट इज द इंडिया वॉटर स्टोरी’ विषय पर भी जानकारी साझा की।
संगठन और सरकार के तालमेल पर भी मंथन
जल शक्ति मंत्रियों की कार्यशाला (Jal Manthan Workshop) में संगठन और सरकार के बीच बेहतर संबंधों को लेकर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें सरकार के कामकाज को संगठनात्मक व्यवस्था के साथ जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल करने के तरीकों पर विचार किया गया।
भाजपा के अनुसार, पार्टी अपनी सरकारों के कामकाज को बेहतर बनाने और सुशासन के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करती है। इसी उद्देश्य से सभी भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों को एक मंच पर लाकर यह कार्यशाला आयोजित की गई।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साझा किए विचार
दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन से हुई। इस दौरान उन्होंने सभी जल शक्ति मंत्रियों को संबोधित करते हुए अपने विचार साझा किए।
इसके बाद गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में कार्यशाला के विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इसमें विशेषज्ञों ने मंत्रियों को प्रशासनिक व्यवस्था, जल संसाधनों और संगठन-सरकार संबंधों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
सुशासन और बेहतर परिणाम पर फोकस
जल मंथन कार्यशाला (Jal Manthan Workshop) का मुख्य उद्देश्य जल शक्ति से जुड़े विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। साथ ही राज्यों की सरकारों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी परिणाम हासिल करने में मदद करना है। कार्यशाला का आयोजन भाजपा के सुशासन एवं पॉलिसी रिसर्च विभाग की ओर से किया गया।




