सीजी भास्कर, 02 सितम्बर। महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने खुले तेल की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने व्यापारियों को एक साल की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है. इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 में खुले तेल की बिक्री को लेकर कानून बनाया गया था और तेल की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है. (Maharashtra Open Oil Sale)
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब लोग खुले तेल की खरीदारी करते हैं. इसलिए कानून का पालन कराने के साथ-साथ आम लोगों और पारंपरिक कारोबारियों की परेशानी का भी समाधान निकालना जरूरी है. सरकार अब FDA और व्यापारियों की संयुक्त समिति बनाएगी. यह समिति यह तय करेगी कि पारंपरिक कारोबारियों को कानून का पालन करने के लिए अपने कारोबार में किस तरह के बदलाव करने होंगे.
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व्यापारियों की करेंगे मदद : Maharashtra Open Oil Sale
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों की हित के बारे में सोचते हुए एक साल की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस दौरान जरूरत पड़ने पर व्यापारियों की मदद भी की जाएगी. सरकार व्यापारियों की हर जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है.
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दोबारा नहीं बढ़ेगा समय
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि एक साल के बाद दोबारा समय नहीं बढ़ाया जाएगा और सभी को कानून का पालन करना होगा. इस एक साल में व्यापारियों को अपने कारोबार को नए नियमों के मुताबिक ढालना होगा. इसके लिए व्यापारियों को जागरूक भी किया जाएगा.
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क्यों लगाई थी रोक? : Maharashtra Open Oil Sale
FDA के अनुसार, जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न करने के मामले सामने आए. पाई गई समस्याओं में तेल रखने के लिए घटिया क्वालिटी के कंटेनर का इस्तेमाल, पुराने कंटेनरों का दोबारा इस्तेमाल और पैकेजिंग के गलत तरीके शामिल थे. विभाग ने बार-बार गर्म किए गए तेल के इस्तेमाल के खिलाफ भी कार्रवाई की थी.
व्यापारियों ने किया था विरोध
FDA के फैसले के बाद, खुले तेल का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने विरोध किया. उनका तर्क था कि इस कदम से कई छोटे और पुराने कारोबारों पर बुरा असर पड़ सकता है. ग्रामीण इलाकों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई गई, क्योंकि वहां हमेशा पैक्ड तेल आसानी से उपलब्ध नहीं होता है.




