सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय युवाओं और कामगारों के लिए कई देशों में रोजगार के अवसर सामने (Jobs Abroad ) आ रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, जर्मनी को हर साल करीब 90 हजार भारतीय कर्मचारियों की जरूरत है। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, रूस, UAE और सऊदी अरब में भी अलग-अलग क्षेत्रों में कामगारों की मांग बनी हुई है।

अमेरिका और ब्रिटेन में लाखों पद खाली Jobs Abroad
अमेरिका में अगस्त 2026 तक करीब 71 लाख नौकरियां खाली थीं। तकनीक, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और शोध के क्षेत्र में अवसर हैं। ब्रिटेन में मई से जुलाई 2026 के दौरान करीब 7.07 लाख पद खाली रहे। यहां स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक देखभाल में कर्मचारियों की जरूरत है।
कनाडा में विदेशी कामगारों की भर्ती
कनाडा ने 2026 में अस्थायी विदेशी कामगारों के लिए करीब 2.30 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्वास्थ्य सेवाओं, निर्माण, कृषि और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
रूस में 70 हजार भारतीय कामगारों की मांग
रूस ने 2026 में करीब 70 हजार भारतीय कुशल कामगारों को रोजगार देने पर सहमति जताई है। निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में इनकी जरूरत बताई गई है।
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UAE और सऊदी अरब में भी अवसर
UAE में वर्ष 2025 के दौरान 2,00,686 भारतीय कामगारों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस दिया गया। वहीं सऊदी अरब के लिए 1,36,812 भारतीय कामगारों को मंजूरी मिली। दोनों देशों में निर्माण, होटल, परिवहन, खुदरा और घरेलू सेवाओं में रोजगार के अवसर हैं।
नौकरी से पहले वीजा और भर्ती की शर्तें जानना जरूरी
विदेशों में खाली पदों और भर्ती के लक्ष्यों का मतलब यह नहीं है कि सभी नौकरियां भारतीयों के लिए हैं। नौकरी पाने के लिए संबंधित देश की योग्यता, वीजा नियम और भर्ती प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। उम्मीदवारों को फर्जी एजेंटों से सावधान रहकर आधिकारिक माध्यमों से ही आवेदन करना चाहिए।
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