सीजी भास्कर, राजनांदगांव, 23 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ में सड़क और भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। राजनांदगांव और डोंगरगांव क्षेत्र में सड़कों, पुलों, निर्माणाधीन कॉलेज भवन और पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों में बैठने के बजाय नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर पहुंचकर काम की निगरानी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान (Chhattisgarh PWD Inspection) में सड़क की चौड़ाई, ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) की मोटाई, लेवल और रोड मार्किंग की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और खामियां मिलने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए।
यह भी पढ़ें : Kotwar Protest : धमतरी में कोटवारों का प्रदर्शन, नियमितीकरण और 15 हजार वेतन समेत उठाईं चार मांगें

सड़क-पुल निर्माण पर सख्ती
सचिव मुकेश कुमार बंसल ने राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने सड़क की अलग-अलग परतों, निर्धारित चौड़ाई और लेवल की जांच करने के निर्देश दिए। ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल की नींव, पिलर, कैप और अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जल निकासी और तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक बन रही सड़क में खुदाई, बेस निर्माण और अन्य कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने के साथ ठेकेदारों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम पूरा कराने को कहा।

यह भी पढ़ें : Vaibhav Suryavanshi Playing 11 : खुली वैभव की किस्मत! दूसरे T20 में एंट्री के संकेत, देखें भारत की संभावित प्लेइंग-11
विश्राम गृह बनेगा विभागीय कार्यालय
डोंगरगांव में पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण करते हुए सचिव ने मुख्य भवन को लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। परिसर में मौजूद अन्य उपयोग योग्य भवनों की मरम्मत कर उन्हें कार्यालय और भंडारण कक्ष के रूप में इस्तेमाल करने को कहा गया।
जर्जर और अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने, परिसर का समतलीकरण कराने और साफ-सफाई सहित जरूरी सुधार कार्य 15 से 20 दिनों के भीतर पूरे करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए विभागीय मदों से राशि की व्यवस्था करने को कहा गया।
इसके अलावा सड़क की स्थिति सुधारने, रोड मार्किंग और सेंटर लाइन बनाने तथा डिवाइडर की साफ-सफाई और रंग-रोगन कराने के निर्देश भी दिए गए। (Chhattisgarh PWD Inspection) के दौरान इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहा।

यह भी पढ़ें : Simga Crime News : मामूली विवाद में युवक पर चाकू से हमला, खंडुवा के दो आरोपी गिरफ्तार
कॉलेज भवन में गुणवत्ता की जांच
डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम अर्जुनी में निर्माणाधीन नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का भी निरीक्षण किया गया। सचिव ने लगभग 10 एकड़ भूमि का विधिवत सीमांकन कर चारों ओर सीमा-चिन्ह के रूप में पिलर लगाने को कहा, ताकि शासकीय जमीन को अतिक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।
भूमि और पहुंच मार्ग से जुड़े राजस्व अभिलेख अद्यतन कराने के निर्देश भी दिए गए। दो मंजिला भवन में फ्लोरिंग, प्लास्टर और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखी गई। मुख्य प्रवेश द्वार और सड़क के स्तर में अंतर को ध्यान में रखते हुए सुगम आवागमन की व्यवस्था बनाने को कहा गया।
दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए उपयुक्त रैंप निर्माण की संभावनाएं तलाशने और वर्षा जल निकासी के लिए डाउन-पाइप की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। पाइपों की सुरक्षा के उपाय करने पर भी जोर दिया गया।
यह भी पढ़ें : Ganja Smuggling : स्कूटी से गांजा ले जा रहा युवक गिरफ्तार, 3 किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ जब्त
लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता रितु खरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें : Census Training : जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश



