सीजी भास्कर, रायपुर, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric Notice Chhattisgarh) के करीब 3,000 वाहनों का पंजीयन लंबित होने का मामला सामने आया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निर्धारित ईवी सब्सिडी के आवेदन भी जमा नहीं किए गए हैं। इससे पात्र वाहन मालिकों को शासन की सब्सिडी योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
परिवहन विभाग के अनुसार, कंपनी की ओर से पंजीयन और सब्सिडी से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने कंपनी को निर्धारित समय-सीमा में अपना पक्ष रखने और लंबित मामलों पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
3,000 वाहनों का पंजीयन लंबित
परिवहन आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक के छत्तीसगढ़ में लगभग 3,000 वाहनों का पंजीयन लंबित है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी सब्सिडी के आवेदन भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
इस स्थिति के कारण (Ola Electric Notice Chhattisgarh) का मामला महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि पंजीयन और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वाहन मालिकों को सरकारी योजना का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है।
यह भी पढ़ें : Kotwar Protest : धमतरी में कोटवारों का प्रदर्शन, नियमितीकरण और 15 हजार वेतन समेत उठाईं चार मांगें
मोटरयान अधिनियम के तहत नोटिस
परिवहन विभाग ने कंपनी की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने और प्रक्रियाओं में लापरवाही के मद्देनजर मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया है। कंपनी से लंबित मामलों पर जवाब और आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन पंजीयन और सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रियाओं का समय पर पालन जरूरी है, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो और पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
यह भी पढ़ें : Vaibhav Suryavanshi Playing 11 : खुली वैभव की किस्मत! दूसरे T20 में एंट्री के संकेत, देखें भारत की संभावित प्लेइंग-11
जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने कंपनी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि कंपनी जवाब नहीं देती है या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ प्रचलित नियमों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, (Ola Electric Notice Chhattisgarh) मामले में कंपनी का जवाब और विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनी के खिलाफ उल्लंघन अंतिम रूप से साबित हो चुका है।
यह भी पढ़ें : Mahasamund Kisan Chakkajam : कावेरी सीड्स के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान, NH-353 पर 4 घंटे तक जाम से परेशान रहे लोग



