सीजी भास्कर, 11 सितम्बर। नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक से पहले पीएम मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें तमिल कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। (Modi Putin Meeting)
बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जिबिशन देखने पहुंचे। दोनों नेताओं की बातचीत के विस्तृत बिंदु फिलहाल आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं, लेकिन रक्षा और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
Su-57 फाइटर जेट डील पर नजर : Modi Putin Meeting
भारत और रूस के बीच संभावित बड़ी रक्षा डील को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट के निर्माण और तकनीक साझा करने की पेशकश की है।
इसके अलावा S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी खेप और एडवांस BrahMos-NG जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दे भी अहम हो सकते हैं। Su-57 को लेकर कोई समझौता होता है तो इसे भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
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2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
बैठक में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर रहने की संभावना है। भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही रेलवे, स्टील, उद्योग, टनलिंग, परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, उर्वरक और कुशल कामगारों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।
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पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद क्यों दिया? : Modi Putin Meeting
पीएम मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। तिरुवल्लुवर की यह प्रसिद्ध कृति तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण रचनाओं में शामिल है। इसमें करीब 1,330 दोहे हैं, जिनमें नैतिकता, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर विचार दिए गए हैं।
तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट करना भारत की समृद्ध तमिल संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा को रूस के साथ साझा करने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
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