सीजी भास्कर,26 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के करमागढ़ स्थित मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर पारंपरिक बल पूजा आयोजित (Mankeshwari Temple) की गई। इस दौरान करीब 50 से 60 बकरों की बलि दी गई। रायगढ़ राजपरिवार की कुलदेवी मानी जाने वाली मां मानकेश्वरी के दर्शन और पूजा के लिए छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

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पांच सदियों से चली आ रही परंपरा Mankeshwari Temple
मंदिर रायगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर स्थित है। मानकेश्वरी समिति के पूर्व अध्यक्ष युधिष्ठिर यादव के अनुसार, यहां हर साल शरद पूर्णिमा पर बल पूजा होती है और यह परंपरा करीब 500 साल पुरानी मानी जाती है। इस बार भी दोपहर बाद पूजा शुरू हुई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर के सामने बैरिकेडिंग की गई थी।
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बैगा से जुड़ी मान्यता का वीडियो सामने आया
पूजा के दौरान बैगा द्वारा बलि दिए गए बकरों का खून पीने का वीडियो सामने (Mankeshwari Temple) आया है। समिति के सदस्यों के अनुसार, स्थानीय मान्यता है कि पूजा के समय बैगा के शरीर में देवी का वास होता है। इसके बाद श्रद्धालु उनके पैर धोकर और सिर पर दूध डालकर पूजा करते हैं। बल पूजा से एक रात पहले निशा पूजा भी की जाती है।
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मन्नत पूरी होने पर बकरा चढ़ाते हैं भक्त
श्रद्धालु संतान प्राप्ति और बीमारियों से मुक्ति सहित अलग-अलग मनोकामनाएं लेकर मंदिर (Mankeshwari Temple) पहुंचते हैं। मान्यता के अनुसार, मन्नत पूरी होने पर बकरा चढ़ाया जाता है। राज्यसभा सांसद और रायगढ़ राजपरिवार के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है और क्षेत्र के लोगों की देवी के प्रति गहरी आस्था है।
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