सीजी भास्कर, 29 मई : क्या आपने कभी एक ही छत के नीचे दुनिया के सबसे महंगे और नायाब आमों (National Mango Festival Raipur) को साक्षात देखा है? क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा आम भी है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में है और वह इस समय छत्तीसगढ़ की माटी पर सज चुका है? जी हां, फल प्रेमियों और राजधानीवासियों के लिए गर्मी के इस कड़े मौसम में एक बेहद सुखद, आक्रामक और सस्पेंस से भरी बड़ी खबर सामने आई है।
रायपुर के जोरा स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आज से एक ऐसा अनोखा महामुंभ शुरू होने जा रहा है, जिसकी खुशबू पूरे छत्तीसगढ़ को महका देगी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, उद्यानिकी संचालनालय और ‘प्रकृति की ओर’ सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय (National Mango Festival Raipur) का ऐतिहासिक शंखनाद हो चुका है। पूरे 800 से अधिक शब्दों की इस विस्तृत और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबर में जानिए कि कैसे यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के किसानों की किस्मत बदलने और आम जनता को स्वाद का अनूठा संसार देने का एक बहुत बड़ा जरिया बनने जा रहा है।
इस भव्य राष्ट्रीय आम महोत्सव का आधिकारिक उद्घाटन आज, 29 मई को अपरान्ह 4 बजे छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल रमेन डेका द्वारा किया जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह की अध्यक्षता खुद सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक और कृषि मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, रायपुर के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू और अनुज शर्मा जैसी दिग्गज हस्तियां एक साथ मौजूद रहेंगी।
इस कड़े प्रशासनिक और राजनैतिक माडल (National Mango Festival Raipur) के पीछे का असली सस्पेंस यह है कि सरकार इसके जरिए छत्तीसगढ़ को देश का एक नया ‘मैंगो हब’ बनाने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय के कुलपति डा. गिरीश चंदेल ने बताया कि यहां न केवल आमों की नुमाइश होगी, बल्कि आम लोगों के लिए बेहद उन्नत किस्म के फल और पौधे भी बेहद किफायती दामों पर सीधे बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
मियाजाकी से लेकर नूरजहां तक : National Mango Festival Raipur
इस राष्ट्रीय आम महोत्सव का सबसे आक्रामक और विहंगम दृश्य वह होगा जब लोगों को आम की 250 से अधिक देशी और विदेशी दुर्लभ किस्मों का दीदार करने का मौका मिलेगा। इस बार की प्रदर्शनियों में प्रतिस्पर्धा का एक बहुत कड़ा और रोमांचक माडल तैयार किया गया है। व्यावसायिक श्रेणी के अंतर्गत देश के कोने-कोने से आए प्रगतिशील किसान अपने खेतों में उगाए गए प्रसिद्ध दशहरी, लंगड़ा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर और अलफांसो जैसे रसीले आमों को लेकर पहुंचे हैं। इसके साथ ही दक्षिण भारत की शान माने जाने वाले तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली और सिन्दूरी की भी तगड़ी खेप यहाँ (National Mango Festival Raipur) सजाई गई है।
लेकिन असली सस्पेंस और आकर्षण तो उन संकर (हाइब्रिड) और आयातित विदेशी (एक्जोटिक) किस्मों को लेकर है, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। संकर प्रतियोगिता में मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका और रत्ना जैसी आधुनिक नस्लें शामिल हैं। वहीं, विशिष्ट श्रेणी में विशालकाय ‘हाथीझुल’ और मध्य प्रदेश के आलीराजपुर की शान ‘नूरजहां’ जैसे भारी-भरकम आमों की कुंडली खुलेगी। सबसे बड़ा धमाका तो विदेशी श्रेणी में होने जा रहा है, जहाँ जापान का सबसे मखमली और बेशकीमती ‘मियाजाकी’ आम, अमेरिका का ‘टाॅमी एटकिन्स’ और ‘गोल्डन नगेट्स’ जैसी इंटरनेशनल किस्में पहली बार रायपुर की जनता के सामने लाइव प्रदर्शित की जा रही हैं।
आमरस से लेकर आम पापड़ तक
यह आयोजन केवल आमों को देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रायपुर के परिवारों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए एक बेहद मनोरंजक और मानवीय संवेदनाओं से भरा अनूठा उत्सव है। इस तीन दिवसीय (National Mango Festival Raipur) के दौरान आम पर केंद्रित कई तरह की मनोरंजक और कड़क प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इसमें सबसे दिलचस्प प्रतियोगिता ‘आम की सजावट’ और ‘मैंगो फैंसी ड्रेस’ है, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर कॉलेज के युवा और गृहणियां अपनी रचनात्मकता का जलवा बिखेरेंगी। आम लोगों की सहूलियत को देखते हुए पूरे परिसर में प्रवेश और पंजीकरण की व्यवस्था को पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है।
स्वाद के शौकीनों के लिए इस उत्सव में एक बेहद कड़ा और जायकेदार मुकाबला होने जा रहा है। आम से निर्मित पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों की एक बड़ी व्यंजन प्रतियोगिता रखी गई है। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी अपने हाथों से बने शुद्ध नेक्टर, मैंगो आरटीएस, रसीला शर्बत, पारंपरिक आम का पना, दादी-नानी के हाथों के स्वाद वाला आम का अचार, तीखी-मीठी चटनी, चटपटा आम पापड़, ताजा आमरस, मैंगो जैम और आम से बनी कलात्मक मिठाइयों के साथ अपना हुनर दिखाएंगे।
इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कम से कम 250 ग्राम उत्पाद लाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, प्रकृति को सहेजने का एक बेहतरीन मानवीय संदेश देते हुए घोषणा की गई है कि जो भी व्यक्ति अपने घर से आम की 11 गुठलियां लेकर इस (National Mango Festival Raipur) में आएगा, उसे संस्था की ओर से एक बेहद उन्नत किस्म का आम का पौधा बिल्कुल मुफ्त उपहार में दिया जाएगा। सबसे बड़ा सस्पेंस यह भी है कि देश की मशहूर शेफ आकांक्षा राय खुद मंच पर लाइव आकर गृहणियों को आम के नए-नए वैश्विक व्यंजन बनाना सिखाएंगी।
कृषि वैज्ञानिक देंगे बिजनेस चमकाने के कड़े टिप्स
एक तरफ जहां शहर के लोग स्वाद का आनंद लेंगे, दूसरी तरफ छत्तीसगढ़िया अन्नदाताओं की तकदीर बदलने के लिए इस महोत्सव में बहुत ही गंभीर और आक्रामक तकनीकी सत्रों का खाका खींचा गया है। आयोजन के पहले दिन यानी आज 29 मई को सुबह 9 बजे से ही प्रविष्टियों का कड़ा रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है, और दोपहर बाद से यह प्रदर्शनी रात 9 बजे तक आम जनता के लिए पूरी तरह खुली रहेगी। महोत्सव के दूसरे दिन यानी 30 मई को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक एक विशेष और आक्रामक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है, जिसका मुख्य विषय “आम उत्पादन: समस्या एवं समाधान” रखा गया है।
इस सत्र के दौरान देश के जाने-माने कृषि वैज्ञानिक और बागवानी विशेषज्ञ सीधे किसानों के बीच बैठेंगे और उनके खेतों में लगने वाली बीमारियों, कीटों और कम उत्पादन की समस्याओं का ऑन-स्पॉट तकनीकी समाधान करेंगे। इसके साथ ही, नई पीढ़ी के युवाओं और नव-उद्यमियों को आम आधारित उद्योगों और प्रसंस्करण (प्रॉसेसिंग) इकाइयों को शुरू करने के कड़े गुर सिखाए जाएंगे।
इस (National Mango Festival Raipur) के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन की उन तमाम जन-कल्याणकारी और अनुदान योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिनका लाभ उठाकर युवा इस क्षेत्र में एक शानदार स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मुख्य फोकस पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम उत्पादन को एक बेहद मुनाफे वाले और स्वास्थ्यवर्धक कॉर्पोरेट बिजनेस माडल के रूप में स्थापित करना है।
31 मई को विजेताओं पर होगी पुरस्कारों की बारिश
महोत्सव के अंतिम दिन यानी 31 मई को दोपहर 12 बजे से ‘सफलता की कहानी, किसानों की जुबानी’ सत्र का आयोजन होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के सुदूर गांवों से आए वे आम उत्पादक किसान अपनी संघर्ष भरी दास्तां बयां करेंगे, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से बंजर जमीन पर भी आम का स्वर्ग खड़ा कर दिया है। यह सत्र युवाओं को खेती की तरफ मोड़ने के लिए एक बहुत बड़ा मानवीय और प्रेरणादायक प्लेटफार्म साबित होगा। इसी अंतिम दिन शाम को एक भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ ही विजेताओं के लिए एक कड़ा पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस पूरे राष्ट्रीय आम महोत्सव (National Mango Festival Raipur) का मुख्य और अंतिम उद्देश्य हमारे राष्ट्रीय फल ‘आम’ के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और तीव्र रफ्तार देना है। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक किसान भाई अपनी प्रत्येक किस्म के न्यूनतम 5 से 10 आमों के साथ सीधे आयोजन स्थल पर पहुंचकर बिना किसी शुल्क के इस महामुकाबले का हिस्सा बन सकते हैं। तो फिर देर किस बात की, इस चिलचिलाती गर्मी के बीच अपने परिवार और बच्चों के साथ कृषि विश्वविद्यालय के इस ठंडे और खुशनुमा आम संसार (National Mango Festival Raipur) का हिस्सा बनने के लिए तुरंत तैयार हो जाइए!




