सीजी भास्कर, 24 जुलाई : छत्तीसगढ़ में उद्यमिता और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में 105.30 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (Startup Center) की स्थापना की जाएगी। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 3928 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
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105 करोड़ से बनेगा स्टार्टअप सेंटर
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने नवा रायपुर में संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू किया है। इसके तहत 105.30 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (Startup Center) स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से एआई (AI), मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।
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3928 करोड़ से गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
उन्होंने बताया कि भारतनेट फेज-3 (BharatNet Phase-3) के तहत प्रदेश की ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 3928 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा जनवरी 2024 से अब तक प्रदेश में 1273 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं, जिससे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
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AI मिशन और आईटी फेलोशिप पर जोर Startup Center
राज्य सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की है। इसके तहत 50 स्थानीय युवाओं को ट्रिपलआईटी नया रायपुर के सहयोग से उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ एआई मिशन के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना भी की जा रही है।
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खनिज ऑनलाइन से 30 हजार करोड़ से ज्यादा राजस्व
सचिव अंकित आनंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं वन क्लिक-सिंगल विंडो 2.0 प्लेटफॉर्म पर 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण किया गया है, जिससे उद्योगों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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सेवा सेतु पर 564 सरकारी सेवाएं उपलब्ध
राज्य के एकीकृत नागरिक सेवा पोर्टल सेवा सेतु (Seva Setu) पर अब 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से ज्यादा का निराकरण किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि इससे नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुगम हुई हैं।
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भारतनेट परियोजना से मिलेगा बड़ा लाभ
अधिकारियों के अनुसार भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी कार्यालयों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इससे ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और डिजिटल कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही फाइबर-टू-द-होम सुविधा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
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