सीजी भास्कर, 24 जुलाई : पुलिस कमिश्नरेट रायपुर तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रहा है। शुक्रवार को मध्य जोन के देवेंद्र नगर थाना में ई-मालखाना 2.0 (e-Malkhana 2.0) का शुभारंभ किया गया। नई व्यवस्था के तहत थाने में जब्त किए गए सामान का आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड और प्रबंधन किया जाएगा। ई-मालखाना 2.0 (e-Malkhana 2.0) का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने किया।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू, थाना प्रभारी दीपेश सैनी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पहले तीन थानों में लागू, अब सभी थानों में होगी शुरुआत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले कोतवाली, गंज और मोदहापारा थाना में भी ई-मालखाना प्रणाली (e-Malkhana 2.0) सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी है। अब इसे चरणबद्ध तरीके से कमिश्नरेट के सभी थानों में लागू किया जाएगा।
बारकोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
ई-मालखाना 2.0 ऐप (e-Malkhana 2.0) के माध्यम से मालखाने में रखी गई प्रत्येक जब्त संपत्ति का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया गया है। हर सामान पर बारकोड लगाया गया है, जिसे स्कैन करते ही उससे जुड़ी पूरी जानकारी तत्काल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। इससे जब्त माल की खोज, रिकॉर्ड सत्यापन, रखरखाव और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के दौरान जानकारी उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
रिकॉर्ड में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
पुलिस का कहना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से जब्त संपत्तियों के रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी, गड़बड़ियों की संभावना कम होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। साथ ही पुलिस कर्मियों का समय बचेगा और रिकॉर्ड प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर का लक्ष्य सभी थाना क्षेत्रों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को लागू कर पुलिसिंग को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाना है।
‘चेन ऑफ कस्टडी’ रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अमित तुकाराम कांबले ने बताया कि डिजिटल मालखाना (e-Malkhana 2.0) प्रणाली से केस प्रॉपर्टी के प्रबंधन में काफी सुविधा होगी। पहले किसी मामले से जुड़े सामान को कोर्ट में पेश करने के लिए उसे खोजने में काफी समय लगता था, लेकिन अब बारकोड और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से संबंधित प्रॉपर्टी तुरंत ट्रेस की जा सकेगी। सिस्टम में हर जब्त सामान का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे चेन ऑफ कस्टडी (e-Malkhana 2.0) भी पूरी तरह सुरक्षित बनी रहेगी।



