सीजी भास्कर, 21 जून : जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत आयोजित विशाल जैविक किसान मेला (Natural Farming Chhattisgarh ) एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भरता मिट्टी की उर्वरा शक्ति को प्रभावित कर रही है, इसलिए समय की मांग है कि किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें और टिकाऊ कृषि मॉडल को अपनाएं।
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
प्राकृतिक खेती और तकनीक आधारित कृषि पर दिया गया जोर
जैविक किसान मेले में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन और उन्नत कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसे किसानों ने काफी उत्साह के साथ देखा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और कृषि विशेषज्ञों से नवाचार आधारित खेती की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
डिजिटल सेवाओं से गांवों तक पहुंचेगी सरकारी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 400 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ अब नागरिक घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रदेश की लगभग 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इससे प्रमाण पत्र, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और अन्य शासकीय सेवाएं ग्रामीणों को आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
औषधीय फसलों के लिए मिलेगा बाजार, किसानों की आय बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम के दौरान औषधीय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और एक निजी कंपनी के बीच महत्वपूर्ण समझौता किया गया। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था लागू है।
119 करोड़ की सिंचाई योजना से 14 गांवों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत से बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना से क्षेत्र के 14 गांवों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी दोनों में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने, किसानों को तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।





