सीजी भास्कर 28 अगस्त
नई दिल्ली। आने वाले दिनों में आम परिवारों और छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को जीएसटी सुधारों का संकेत देने के बाद अब अगले हफ्ते जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है।
माना जा रहा है कि इस बैठक में रोजमर्रा के कई जरूरी सामानों को Zero GST स्लैब में शामिल किया जा सकता है।
दूध, पनीर और पराठा होंगे टैक्स फ्री
सूत्रों के अनुसार, इस बार काउंसिल कई खाद्य पदार्थों पर बड़ा फैसला ले सकती है। इनमें यूएचटी दूध, पैकेज्ड पनीर, पिज्जा ब्रेड और रेडी-टू-ईट रोटी शामिल हैं। अब तक पराठे पर 18% जीएसटी लगता था, लेकिन प्रस्ताव है कि इसे भी जीरो टैक्स श्रेणी में लाया जाए।
शिक्षा से जुड़ी चीजें भी होंगी सस्ती
खबर है कि छात्रों को भी राहत मिलने वाली है। एटलस, वॉटर सर्वे चार्ट, मानचित्र, ग्लोब, शैक्षिक चार्ट, पेंसिल शार्पनर, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और लैब नोटबुक को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करने की तैयारी है। फिलहाल इन पर 12% टैक्स लागू है।
हैंडलूम उत्पादों पर जारी रहेगी छूट
जीएसटी काउंसिल के मंत्रिसमूह ने सुझाव दिया है कि हैंडलूम प्रोडक्ट्स और कच्चे रेशम पर जीएसटी छूट बनी रहे। सरकार का मानना है कि यह छोटे कारीगरों और बुनकरों को सीधी राहत देगा।
कई सामानों पर घट सकती है दर
फिटमेंट समिति ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि मक्खन, गाढ़ा दूध, जैम, मशरूम, खजूर, मेवे और नमकीन जैसे उत्पादों को मौजूदा 12% स्लैब से घटाकर 5% पर लाया जाए।
आम जनता और छात्रों को सीधा फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि जीरो जीएसटी स्लैब का विस्तार करने से महंगाई में कमी आएगी और आम परिवारों की जेब पर बोझ घटेगा। साथ ही छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी चीजें सस्ती मिलेंगी।
इस पर अंतिम निर्णय 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक (3-4 सितंबर, दिल्ली) में लिया जाएगा।