सीजी भास्कर, 05 सितंबर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा (Ramesh Sinha Retirement) सेवानिवृत्त हो गए। विदाई समारोह में उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका और संस्थागत मूल्यों को लेकर भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अदालतें सिर्फ ईंट-पत्थर और कंक्रीट की इमारतें नहीं हैं। ये वे स्थान हैं, जहां नागरिक उम्मीद और न्याय व्यवस्था पर भरोसा लेकर पहुंचते हैं।
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50,228 मामलों का हुआ निराकरण
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा (Ramesh Sinha Retirement) के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी समारोह में उल्लेख किया गया। जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश की अदालतों और न्यायिक आवासीय परिसरों में हुए कार्यों की जानकारी दी।
महाधिवक्ता विवेक शर्मा के अनुसार, 29 मार्च 2023 से 1 सितंबर 2026 तक चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कुल 50,228 मामलों का निराकरण किया। इनमें सिंगल बेंच के 32,600 और डिवीजन बेंच के 17,628 मामले शामिल हैं। इस दौरान 369 से अधिक रिपोर्टेड फैसले भी दिए गए। इन फैसलों के जरिए संवैधानिक, आपराधिक और सेवा कानून से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा किया गया।
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बेंच और बार को बताया न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा
चीफ जस्टिस सिन्हा ने कहा कि बेंच और बार न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। मजबूत न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी केवल मामलों का निपटारा करना नहीं है। न्यायिक संस्थान को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और बेहतर कार्य वातावरण तैयार करना भी इस जिम्मेदारी का हिस्सा है।
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बोले- पद अस्थायी, संस्थाएं स्थायी
विदाई समारोह के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा (Ramesh Sinha Retirement) भावुक नजर आए। उन्होंने संस्थागत मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि निष्पक्षता, विश्वास और न्याय के प्रति निष्ठा से ही किसी महान संस्था का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति का पद अस्थायी होता है, लेकिन न्यायिक संस्थाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं। किसी कार्यकाल की सफलता इस बात से तय होनी चाहिए कि उनके बाद संस्था पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में हो। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग देने के लिए न्यायाधीशों, रजिस्ट्री अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन का आभार जताया।
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जस्टिस संजय के. अग्रवाल बने कार्यवाहक चीफ जस्टिस
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत उनकी नियुक्ति की है। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसकी प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, प्रधानमंत्री कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट को भी भेजी गई हैं।
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राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी नियुक्त
जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा चुका है। राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यभार संभालने तक वह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी निभाएंगे। इस दौरान वह कार्यवाहक चीफ जस्टिस के पद से जुड़े सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
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