सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने जनसेवा और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी शासकीय सुरक्षा (Rikesh Sen) में तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है। विधायक की इस पहल को सुरक्षा बलों के बेहतर उपयोग, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक जीवन में सादगीपूर्ण कार्यशैली की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक रिकेश सेन ने भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की निर्भिक, कर्मठ और जनसेवा के प्रति समर्पित कार्यशैली से प्रेरित होने का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधित्व करने का दायित्व सौंपा है और जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
सुरक्षा कर्मियों का उपयोग कानून-व्यवस्था मजबूत करने में हो Rikesh Sen
विधायक रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा में तैनात शासकीय सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम कर आवश्यकतानुसार उन्हें वापस लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उपयोग में लिया जाए। इस पहल का मूल उद्देश्य यही है कि शासकीय सुरक्षा व्यवस्था में उपलब्ध मानव संसाधन का उपयोग जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप किया जा सके।
प्रदेश में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका अपराध नियंत्रण, आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था (Rikesh Sen) बनाए रखने में है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जनहित की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विधायक की ओर से किया गया यह अनुरोध इसी व्यापक सोच को सामने रखता है।
जनसेवा की भावना से जुड़ी पहल
रिकेश सेन का यह कदम इस संदेश को भी रेखांकित करता है कि जनप्रतिनिधि का पद केवल सुविधाओं और सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से भी जुड़ा है। यदि आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम की जाती है, तो उपलब्ध जवानों को अन्य जरूरी दायित्वों में लगाया जा सकता है।
विधायक ने अपने पत्र की प्रतिलिपि भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष और पुलिस महानिरीक्षक को भी भेजी है। अब इस संबंध में शासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं, निर्धारित मानकों और उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया जाना है।



